ICJ : सुरक्षा परिषद में फंसा जस्टिस भंडारी के निर्वाचन का पेंचUpdated: Tue, 14 Nov 2017 09:00 PM (IST)

आईसीजे में बतौर जज दूसरे कार्यकाल के लिए भारत के जस्टिस दलवीर भंडारी की दावेदारी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अटक गई।

वाशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आइसीजे) में बतौर जज दूसरे कार्यकाल के लिए भारत के जस्टिस दलवीर भंडारी की दावेदारी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अटक गई। पांच दौर के चुनाव में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज भंडारी संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारी समर्थन पाने में सफल रहे लेकिन उन्हें सुरक्षा परिषद में बहुमत नहीं मिल पाया।

वहीं सुरक्षा परिषद में ब्रिटेन के क्रिस्टोफर ग्रीनवुड को बढ़त मिली। आइसीजे जज चुने जाने के लिए दोनों जगहों पर बहुमत हासिल करना अनिवार्य है। हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की पांच सीटों के लिए पिछले गुरुवार को छह में से चार उम्मीदवारों को चुन लिया गया। एक सीट के लिए महासभा और सुरक्षा परिषद में सोमवार को दोबारा मतदान हुआ।

15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद के पांचों दौर के चुनाव में क्रिस्टोफर को नौ और भंडारी को पांच वोट मिले। जबकि 193 सदस्यीय महासभा में भंडारी को सभी दौर के चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल हुआ।

यहां भंडारी को 121 और क्रिस्टोफर को महज 68 मत मिले। इस स्थिति को देखते हुए महासभा और सुरक्षा परिषद ने चुनाव स्थगित करने का फैसला किया। इस बारे में अब बाद में निर्णय लिया जाएगा। अभी किसी तारीख की घोषणा नहीं की गई है।

इससे पहले गुरुवार को हुए चुनाव में भी जस्टिस भंडारी को महासभा में बहुमत मिल गया था लेकिन सुरक्षा परिषद में वह क्रिस्टोफर से पिछड़ गए थे। भंडारी 2012 में पहली बार आइसीजे के जज चुने गए थे। उनका कार्यकाल अगले साल फरवरी में समाप्त होने वाला है।

थरूर ने ब्रिटेन की आलोचना की-

कांग्रेस नेता और पूर्व राजनयिक शशि थरूर ने आइसीजे चुनाव को लेकर ब्रिटेन की आलोचना की है। उन्होंने ट्वीट किया कि ब्रिटेन संयुक्त राष्ट्र महासभा के बहुमत की इच्छा को बाधित करने का प्रयास कर रहा है।

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