अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप में इन सितारों पर रहेंगी सबकी निगाहेंUpdated: Fri, 12 Jan 2018 04:51 PM (IST)

गत विजेता वेस्टइंडीज शनिवार से शुरू हो रहे अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप में अपने खिताब बचाने के अभियान की शुरुआत मेजबान न्यूजीलैंड के खिलाफ करेगा।

क्राइस्टचर्च। गत विजेता वेस्टइंडीज शनिवार से शुरू हो रहे अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप के पहले दिन अपने खिताब बचाने के अभियान की शुरुआत मेजबान न्यूजीलैंड के खिलाफ करेगा। इस टूर्नामेंट के दौरान 16 टीमों के युवा सितारें अपनी छाप छोड़ने को बेताब होंगे और दुनियाभर की निगाहें कुछ चु‍निंदा सितारों पर लगी रहेंगी।

भारत और ऑस्ट्रेलिया इस विश्व कप को संयुक्त रूप से सर्वाधिक 3-3 बार जीत चुके हैं और ये टीमें चौथे खिताब के लिए पूरे दमखम के साथ मैदान में होंगी। भारत को ग्रुप 'बी' में ऑस्ट्रेलिया, पापुआ न्यू गिनी और जिम्बाब्वे के साथ रखा गया है। भारत अपने अभियान की शुरुआत रविवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करेगी।

ये स्टार होंगे आकर्षण का केंद्र : भारत के पृथ्वी शॉ और शुभम गिल, ऑस्ट्रेलिया के जेसन सांघा व ऑस्टिन वॉ, पाकिस्तान के शाहीन अफरीदी, अफगानिस्तान के बहीर शाह और दक्षिण अफ्रीका के थांडो एंटिनी पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी। शॉ, गिल और बहीर फर्स्ट क्लास क्रिकेट में शतक लगा चुके हैं जबकि बाएं हाथ के तेज गेंदबाज शाहीन अफरीदी फर्स्ट क्लास डेब्यू में कायदे-आजम ट्रॉफी में 39 रनों पर 8 विकेट लेकर सुर्खियां बटोर चुके हैं। 17 वर्षीय बहीर शाह तो सर डॉन ब्रेडमैन का रिकॉर्ड तोड़ दुनियाभर में प्रसिद्ध हो चुके हैं और इसके चलते उन पर बेहतर प्रदर्शन का अतिरिक्त दबाव रहेगा।

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महान ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर स्टीव वॉ के बेटे ऑस्टिन और पूर्व दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज मखाया एंटिनी के पुत्र थांडो एंटिनी भी आकर्षण का केंद्र होंगे।

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अंडर19 क्रिकेट विश्व कप

न्यूजीलैंड में हो रहा है अंडर-19 वर्ल्ड कप, दीजिए रोचक सवालों के जवाब...

भारत ने सबसे पहले वर्ष 2000 में अंडर-19 विश्व कप जीता था। उस वक्त टीम का कप्तान कौन था ?

सचिन तेंडुलकर

,

महेंद्रसिंह धोनी

,

मोहम्मद कैफ

,

2000 अंडर19 विश्व कप में मैन ऑफ द टूर्नामेंट कौन था ? यह खिलाड़ी आगे चलकर 2011 वनडे विश्व कप में भी मैन ऑफ द टूर्नामेंट बना था।

महेंद्रसिंह धोनी

,

युवराज सिंह

,

विराट कोहली

,

भारत ने दूसरी बार अंडर19 विश्व कप किसके नेतृत्व में जीता था ?

विराट कोहली

,

शिखर धवन

,

चेतेश्वर पुजारा

,

उन्मुक्त चंद के नेतृत्व में भारत ने 2012 में तीसरी बार अंडर19 विश्व कप खिताब जीता। भारत ने इसी के साथ सर्वाधिक अंडर19 विश्व कप खिताब के किस टीम के रिकॉर्ड की बराबरी की।

ऑस्ट्रेलिया

,

श्रीलंका

,

पाकिस्तान

,

भारत को 2016 अंडर19 विश्व कप के फाइनल में किस टीम के हाथों हार का सामना करना पड़ा था ?

ऑस्ट्रेलिया

,

वेस्टइंडीज

,

इंग्लैंड

,

भारत के ये दो खिलाड़ी अलग-अलग अंडर19 विश्व कप में मैन ऑफ द टूर्नामेंट रह चुके हैं ?

शिखर धवन और चेतेश्वर पुजारा

,

उन्मुक्त चंद और इशान किशन

,

युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ

आईपीएल टीमों में प्रवेश का मौका: युवा सितारों के लिए इस टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन कर आईपीएल में बड़ी रकम हासिल करने का मौका रहेगा। रिषभ पंत ने पिछले अंडर-19 विश्व कप में धमाकेदार प्रदर्शन किया था, जिसके बाद उन्हें आईपीएल में 1.9 करोड़ कीमत पर खरीदा गया था।

पृथ्वी शॉ: पृथ्वी शॉ 2013 में स्कूली क्रिकेट में 546 रनों की रिकॉर्ड पारी खेलकर सुर्खियों में आए थे। मुंबई की तरफ से 9 फर्स्ट क्लास मैचों में वे 63 की औसत से 945 रन बना चुके हैं। उनका स्ट्राइक रेट भी 75 रहा।

बहीर शाह: अफगानिस्तान के 17 वर्षीय बहीर शाह फर्स्ट क्लास मैचों में डॉन ब्रेडमैन का रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। उन्होंने 12 फर्स्ट क्लास पारियों में 121.77 के रिकॉर्ड औसत से 1096 रन बनाए और ब्रेडमैन का 95.14 के औसत का रिकॉर्ड ध्वस्त किया।

जेसन सांघा: सांघा के नाम ऑस्ट्रेलिया के आयु वर्ग के टूर्नामेंटों में ढेरों रन दर्ज है। एशेज के लिए ऑस्ट्रेलियाई आई इंग्लैंड टीम के खिलाफ अभ्यास मैच खेली ऑस्ट्रेलियाई इलेवन में सांघा शामिल रहे। खराब फर्स्ट क्लास डेब्यू के बाद उन्होंने अगले मैच में धमाकेदार शतक लगाया।

शाहीन अफरीदी : बाएं हाथ के तेज गेंदबाज शाहीन ने कायदे आजम ट्रॉफी में डेब्यू मैच में 39 रनों पर 8 विकेट लेकर धूम मचाई। लगातार बेहतर प्रदर्शन के चलते उन्हें बांग्लादेश प्रीमियर लीग में ढाका डायना

माइट्‍स टीम में चुना गया।

हमें तो नहीं मिला इस टूर्नामेंट में खेलने का मौका : पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम के कोच है। द्रविड़ ने कहा, हमें इस टूर्नामेंट में खेलने का मौका नहीं मिल पाया, क्योंकि 1988 के बाद 10 वर्षों तक यह टूर्नामेंट नहीं हुआ था। इसके चलते हमें इस टूर्नामेंट में खेलने का अनुभव नहीं मिल पाया। इस टूर्नामेंट के जरिए युवा खिलाड़‍ियों को सीनियर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का अच्छा मौका मिलता है।

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