दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद तेज गेंदबाज बुमराह ने कह दी ऐसी बातUpdated: Thu, 11 Jan 2018 10:02 PM (IST)

भारत ने दक्षिण अफ्रीकी दौरे की इतनी खराब शुरुआत की उम्मीद नहीं की थी।

विशेष संवाददाता, सेंचुरियन। भारतीय क्रिकेट टीम को उतार-चढ़ाव से भरे पहले टेस्ट में भले ही 72 रन से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन भारत ने दक्षिण अफ्रीकी दौरे की इतनी खराब शुरुआत की उम्मीद नहीं की थी। हालांकि, इस हार के बावजूद टीम इंडिया के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने गुरुवार को कहा कि अगर एक असफलता से टीम का आत्मविश्वास डिगता है तो फिर वह टेस्ट क्रिकेट खेलने की हकदार नहीं है।

केपटाउन हुए पहले टेस्ट मैच को चार दिन में जीतकर दक्षिण अफ्रीका ने भारत के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। दूसरा टेस्ट मैच शनिवार से यहां शुरू होगा। पहले टेस्ट मैच में चार विकेट लेने वाले बुमराह ने कहा कि एक मैच से आत्मविश्वास नहीं डिगता है। अगर ऐसा होता है तो फिर आप खेलने के हकदार नहीं हो। गलतियों से सीखो और आगे बढ़ो। कोई भी क्रिकेटर ऐसा नहीं है जिसने गलती नहीं की हो। यह अच्छा टेस्ट मैच था और मैंने इससे काफी कुछ सीखा, क्योंकि मैं इससे पहले कभी यहां दक्षिण अफ्रीका में नहीं खेला था। इसलिए मैंने उससे काफी चीजें सीखीं। अब समय आगे बढ़ने और दूसरे टेस्ट मैच पर ध्यान केंद्रित करने का है।

बुमराह ने कहा कि वह पहले टेस्ट मैच के सकारात्मक पक्षों पर गौर करेंगे, जैसे कि एबी डिविलियर्स के रूप में पहला विकेट लेना। उन्होंने कहा कि यह यादगार क्षण था और वहां हमने कई विकेट लिए। एक गेंदबाज के रूप में मेरा सिद्धांत है कि किसी भी मैच के बाद बहुत अधिक उत्साहित या हतोत्साहित नहीं होना है। मैं अगले मैच में आत्मविश्वास के साथ जाना चाहता हूं।

बुमराह के लिए पहला टेस्ट मैच मिली-जुली सफलता वाला रहा। वह पहली पारी में नहीं चल पाए, लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया। इसके चलते भारत ने दक्षिण अफ्रीका के अंतिम आठ विकेट 65 रन के अंदर झटक डाले। उन्होंने कहा कि आप जब भी किसी नए देश में जाते हो तो यह चुनौती होती है। विकेट और मौसम अलग होता है। इसलिए नई चुनौतियों का सामना करना हमेशा अच्छा होता है। आप जितना अधिक खेलोगे आपको विकेट के बारे में पता चलता रहेगा।

बुमराह ने कहा कि भारतीय गेंदबाज पहले टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी में उछाल को समझने में नाकाम रहे, जिससे मेजबान टीम 286 रन बनाने में सफल रही। उन्होंने कहा कि हमें पता चल गया था कि हमने पहली पारी में क्या गलती की और इसलिए चौथे दिन हमने दोनों छोर से दबाव बनाने की कोशिश की और लेंथ पर ध्यान दिया, जो पहली पारी में गलत थी।

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