बड़े काम का है फर्स्ट ऐड बॉक्स, इसमें है सेफ्टी और सुकूनUpdated: Sat, 09 Sep 2017 07:10 PM (IST)

बॉम्बे हॉस्पिटल की कम्यूनिटी हेल्थ डिपार्टमेंट की एचओडी प्रो. अमिता पाल ने पूरी जानकारी दी।

मल्टीमीडिया डेस्क। दुर्घटना या इमर्जेंसी कहीं भी किसी भी वक्त हो सकती है। यदि हमें प्राथमिक उपचार यानी फर्स्ट ऐड के बारे में थोड़ी बहुत भी जानकारी हो तो हम घबराने के बजाय मरीज को प्राथमिक उपचार दे सकते हैं। घर हो या ऑफिस यहां तक कि कार में भी हमें फर्स्ट ऐड बॉक्स रखना चाहिए। ऐसे ही कुछ फर्स्ट ऐड टिप्स के बारे जानेंगे जो कि आप मेडिकल इमर्जेंसी के दौरान यूज कर सकते हैं। इस संबंध में बॉम्बे हॉस्पिटल की कम्यूनिटी हेल्थ डिपार्टमेंट की एचओडी प्रो. अमिता पाल ने पूरी जानकारी दी।

प्रो. अमिता ने कहा कि किसी भी बीमारी, चोट या दुर्घटना के लिए चिकित्सक या एम्बुलेंस आने से पहले जो उपचार किया जाता है, उसे फर्स्ट ऐड कहते हैं। इसका उद्देश्य मरीज/बीमार/घायल व्यक्ति के जीवन की रक्षा करना। उसकी स्थिति को अधिका बिगड़ने से बचाना हैं।

उन्होंने बताया कि प्राथमिक उपचार शुरु करने पर सबसे पहले मरीज/घायल की जांच के लिए तीन चीजों को अहमियत दी जाती है जिसे फर्स्ट ऐड की ABC के नाम से जाना जाता है। ये है एअरवे, ब्रीदिंग और सर्कुलेशन। एअरवे यानी किसी की जान बचाने के लिये यह निश्चित करना जरूरी है कि उसके वायुमार्ग में कोई अवरोध न हो। वायुमार्ग जांचने के बाद यह देखना चाहिए कि उसे सांस लेने मे कोइ तकलीफ न हो। आखिर में यह देखा जाता है कि मरीज/घायल का ब्लड सर्कुलेशन हो रहा है या नहीं।

वे बताती है जो फर्स्ट ऐड दे रहा है उन्हें कुछ सावधानियां रखनी चाहिए क्योंकि क्रॉस इंफेक्शन की संभावना रहती है। अगर फर्स्ट ऐड देने वाले को अगर कुछ संक्रमण हुआ तो पीड़ित व्यक्ति को भी इसकी चपेट में ले सकता है। इसलिए मेडिकल दस्ताना होने चाहिए।

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