ग्रामीण लगाएंगे खुद के तैयार किए पौधे, देंगे दिवंगत रिश्तेदारों के नामUpdated: Mon, 23 May 2016 09:00 PM (IST)

इस बार मानसून में गांव और जंगल को हरा-भरा करने का जिम्मा ग्रामीण खुद उठाएंगे।

रामकृष्ण मुले, इंदौर। इस बार मानसून में गांव और जंगल को हरा-भरा करने का जिम्मा ग्रामीण खुद उठाएंगे। वन विभाग की पहल पर 125 वन समितियों ने सवा लाख पौधे तैयार किए हैं, जो वे अपने गांव में अगले माह से रोपेंगे। इसकी देखभाल भी वे ही करेंगे और भावनात्मक जुड़ाव के लिए इन्हें अपने दिवंगत रिश्तेदारों के नाम भी दे सकेंगे। वन विभाग ने स्थान चिन्हित करने का जिम्मा भी वन समितियों को दिया है।

रोजगार उपलब्ध कराने के मकसद से विभाग ने पहली बार इस योजना के जरिए समितियों को सीधे तौर पर पौधा रोपण से जोड़ा है। पौधे तैयार करने का खर्च भी वन विभाग दे रहा है। ग्रामीणों की भागीदारी बनी रहे, इसलिए हर साल तय दरों के मुताबिक इन्हें भुगतान किया जाएगा। अलग-अलग समितियों ने करीब 25 विभिन्न् प्रजातियों के पौधे तैयार किए हैं, जिसमें अंजन, सागवान, शीशम, गुलमोहर, बरगद, पीपल आदि शामिल हैं।

6 नर्सरी में 2 लाख पौधे तैयार

वन समितियों द्वारा तैयार किए गए सवा लाख पौधों के अलावा विभाग ने जिलेभर के लिए 6 नर्सरी में 2 लाख पौधे तैयार किए हैं। इन्हें महू, मानपुर, चोरल और इंदौर रेंज में लगाए जाएंगे। नवरतन बाग स्थित नर्सरी में 125 किस्म के पौधे तैयार किए गए हैं। इसमें नीम, चिरोल, हल्दू, सीताफल, आदि प्रजातियों के पौधे शामिल किए गए हैं। वन मंडल में गड्ढे खोदकर खाद डाली जा रही है। साथ ही अनुसंधान विस्तार केंद्र रेसीडेंसी, बड़गोंदा, भेरूघाट, मल्हार आश्रम की नर्सरी में पौधे तैयार किए गए हैं।

बांस के ढाई लाख पौधों पर रहेगा जोर

बैंबू मिशन का आयोजन अप्रैल में हुआ था। इसमें विभाग के आला अधिकारियों ने वन क्षेत्र में बांस के पौधे लगाने पर जोर दिया था। इसके चलते इस बार कई किस्म के बांस के पौधे तैयार किए गए हैं, जिन्हें वन क्षेत्र में लगाया जाएगा। बांस के ढाई लाख पौधे लगाने के लिए किसानों के साथ ही ग्रामीणों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

पौधों के संरक्षण के लिए बनाई रणनीति

पौधों को दिवंगत नाते-रिश्तेदारों के नाम देने और खुद के द्वारा पौधे तैयार करने से एक भावनात्मक जुड़ाव होता है। वन समितियों को पौधे तैयार करने के साथ पौधों को नाम देना का अधिकार भी उन्हें दिया गया है। इस बार बांस के भी करीब ढाई लाख पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही जून में पहली बरसात के बाद एनजीओ को भी पौधे बांटे जाएंगे। - आरएन सक्सेना, एसडीओ वन विभाग

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