'मेरे गुरु': साझा कीजिए अपनी यादें, बातें और कहानियांUpdated: Thu, 27 Aug 2015 11:41 AM (IST)

प्राय: हर व्यक्ति के जीवन की सबसे सुहावनी यादें स्कूल से जुड़ी होती हैं।

भुला ना देना...

स्कूल की घण्टी, बैंच और टाट-पट्टी

बस्ता, किताबें चॉक और पेम-पट्टी

टीचरजी की रौबीली आवाज़

पढ़ाने का अनूठा अन्दाज़

प्रेरक व्यक्तित्व, धीर-गंभीर

उनकी कही बात पत्थर की लकीर

...वो दिन भी क्या दिन थे!

प्राय: हर व्यक्ति के जीवन की सबसे सुहावनी यादें स्कूल से जुड़ी होती हैं। जीवन के प्रारंभिक वर्षों में घर के अतिरिक्त इतना समय स्कूल में बीतता है कि स्कूल दूसरा घर और सहपाठी व शिक्षक विस्तारित परिवार की तरह हो जाते हैं। कोई भी व्यक्ति अपने व्यावसायिक जीवन में चाहे जिस ऊंचाई पर पहुंच जाए, उसके लिए स्कूल प्रांगण में लौट कर आना, अपनी कक्षा को निहारना और सहपाठियों को याद करना हमेशा सुखद अनुभव देता है।

आपके मन में भी अपने टीचर, मेंटर या गुरु से जुड़ी यादें जरूर होंगी। उनकी कही कोई ऐसी बात होगी जिसने आपकी जिंदगी बदल दी हो, भविष्य संवार दिया हो या कोई ऐसी प्रेरणा मिली हो जिसकी वजह से आप जीवन में कामयाबी मिली।

अपने आदरणीय शिक्षकों से जुड़ी अपनी कहानियां व अनुभव याद करें और हमें लिख भेजें। चुनी गई श्रेष्ठ रचनाएं शिक्षक दिवस पर हम प्रकाशित करेंगे। तीन उम्दा रचनाओं को पुरस्कृत किया जाएगा।

· ई-मेल: response@naidunia.com

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