ग्रामीण क्षेत्रों में अब प्रतिदिन 130 किमी की रफ्तार से बनेगी सड़केंUpdated: Wed, 11 May 2016 09:28 PM (IST)

ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण अब प्रतिदिन 130 किमी की रफ्तार से होगा।

अरविंद पांडेय। नईदिल्ली। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण अब प्रतिदिन 130 किमी की रफ्तार से होगा। यह रफ्तार अभी 100 किमी प्रतिदिन की है, जिसे हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार ने हासिल किया है। इससे पहले तक यानि दो साल पहले ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण की यह रफ्तार मात्र 73 किमी प्रतिदिन की थी। जो ग्रामीण क्षेत्रों की मांग के मुताबिक बेहद कम थी।

खास बात यह है कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वर्ष 2016-17 के अपने टास्क पर बगैर रूके काम भी शुरू कर दिया है, जिसके तहत उन्हें सड़कों के निर्माण की रफ्तार को 130 किमी प्रतिदिन तक पहुंचाना है। जानकारों की मानें तो पीएम मोदी ने भी मंत्रालय को इस उपलब्धि के लिए सराहा है।

साथ ही सड़कों के निर्माण के पर्याप्त पैसा देने का भरोसा भी दिया है। सरकार का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़के ही विकास की सबसे बड़ी लकीर होती है,जो जिनती तेजी से बनेगी, उतनी तेजी से उस क्षेत्र का विकास होगा।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के बनते ही जिन कामों को सबसे ज्यादा फोकस किया, उनमें ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के नेटवर्क को विस्तार देना भी शामिल था।ग्रामीण विकास मंत्रालय को इस टास्क में लगाया। खुद भी इसकी लगातार मानीटरिंग की। नतीजा यह रहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण की रफ्तार दो साल पहले तक जहां मात्र 73 किमी प्रतिदिन थी, वह बढ़कर 100 किमी प्रतिदिन पर पहुंच गई।

2022 नहीं, अब 2019 तक ही पूरा होगा योजना का काम, पीएम ने दी दखल

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का काम अब अपने तय समय से तीन साल पहले ही पूरा होगा। यानि यह योजना अब वर्ष 2019 में ही पूरी हो जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दखल के बाद ग्रामीण विकास मंत्रालय ने योजना का नए सिरे खाका खींचा है। अब तक योजना को पूरा करने के लिए वर्ष 2022 का लक्ष्य दिया गया था। बता दें कि योजना के तहत देश के सभी गांवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य है।

सड़कों के निर्माण अब सांसद भी लगा सकेंगे पैसा

ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण के लिए अब सांसद भी अपनी निधि से पैसा दे सकेंगे। मंत्रालय से जुड़े सूत्रों की मानें तो इसे लेकर जल्द ही गाइड लाइन जारी की जाएगी। बता दें कि अभी तक सांसद अपनी निधि से पक्की सड़कों को निर्माण नहीं करा सकते थे।माना जा रहा है कि इससे सड़को के निर्माण में और भी तेज आएगी।

दो सालों में इस तरह दिखी तेजी

ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण में वर्ष 2014 से 2016 के बीच जो तेजी दर्ज की गई, उसके तहत इन दो सालों में 14865 गांवों को जोड़ने लक्ष्य रखा गया था, जबकि मंत्रालय ने 18488 गांवों को जोड़ा। इसी तरह लक्ष्य 55424 किमी लंबी सड़कों के बनाने का दिया गया था, लेकिन बनाई गई 72835 किमी लंबी सड़के। इनके निर्माण पर इन दो सालों में 32590 करोड़ रुपए खर्च किया गया।

संबंधित खबरें

जरूर पढ़ें

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.