कहां है यमन, क्‍यों बना हुआ है सुर्खियों मेंUpdated: Fri, 03 Apr 2015 04:38 PM (IST)

सऊदी अरब और ओमान से घिरा देश यमन इन दिनों आतंकी हमलों की वजह से सुर्खियों में है।

मल्‍टीमीडिया डेस्‍क। सऊदी अरब और ओमान से घिरा देश यमन इन दिनों आतंकी हमलों की वजह से सुर्खियों में है। भारत सरकार यहां फंसे भारतीयों को बचाने के लिए लगातार अपनी मुहिम चला रही है।

जानते हैं यमन के बारे में कुछ महत्‍वपूर्ण तथ्‍य :

  • कुल क्षेत्रफल : 527,968 वर्ग किलोमीटर
  • आबादी : 26,052,966 (जुलाई 2014 तक)
  • औसत आयु : 18.6 वर्ष
  • राजधानी : सना
  • धर्म : मुस्लिम (सुन्‍नी और शिया) ज्‍यूश, क्रिश्चियन, हिंदू और बहाई
  • जीडीपी : 61.63 मिलियन डॉलर
  • प्रति व्‍यक्ति आय : 2,500 डॉलर
  • खास बात : अरब देशों का सबसे गरीब मुल्‍म है यमन। यहां के तेल स्रोत भी घट रहे हैं।
  • यमन की अर्थव्‍यवस्‍था पूरी तरह से विदेशी मदद और उन यमन निवासियों पर निर्भर है, जो विदेशों में हैं और वहां से पैसा भेजते हैं।
  • अरब लीग का हिस्‍सा यमन में अधिकांश नागरिक कारीगर और किसान हैं।
  • यहां हौतिस और शित्‍ते नाम के आतंकी संगठन है, जो देश के उत्‍तर-पश्चिम हिस्‍से में सक्रिय हैं।
  • मई 22, 1990 - यमन गणराज्‍य की स्‍थापना हुई।
  • अप्रैल 1993 - राजनीतिक अस्थिरता के बीच चुनाव हुए थे।
  • मई 1994 - यमन के राष्‍ट्रपति अली अब्‍दुल्‍ला सालेह के समर्थकों और विरोधियों के बीच गृह युद्ध। विरोधी उपराष्‍ट्रपति अली सलीम अबबैद के समर्थक थे। पूरे घटनाक्रम में लगभग 5,000 लोगों की मौत हुई थी।
  • 1998 - चरमराती अर्थव्‍यवस्‍था के बीच आतंकी गतिविधियां बढ़ती रहीं। 1998, में 12 पर्यटकों का अपहरण किया गया था, जिनमें से चार की हत्‍या कर दी गई थी।
  • सितंबर 1999 - यमन में हुए प्रत्‍यक्ष चुनावों में सालेह की जीत हुई।
  • 2000 - सऊदी अरब और यमन ने सीमाओं का पुनर्निर्धारण किया।
  • अक्‍टूबर 12, 2000 - अदन की खाड़ी में अल कायदा द्वारा की गई बमबारी में 17 अमेरिकी नाविकों की मौत हो गई थी।
  • अक्‍टूबर 2002 - अल कायदा ने येमेनी तट पर हमला किया।
  • अगस्‍त 2004 - उत्‍तरी यमन में नया विद्रोही संगठन जायदी खड़ा हुआ।
  • फरवरी 2006 - सना की तेल से 23 कैदी भागने में सफल हुए। इनमें 13 अलकायदा के सदस्‍य थे।
  • सितंबर 23, 2006 - 77 प्रतिशत मत पाकर राष्‍ट्रपति सालेह दोबारा सत्‍तासीन हुए।
  • सितंबर 17, 2008 - राजधानी सना में एक आत्‍मघाती हमले में 16 लोगों की मौत। एक अमेरिकी अधिकारी मरा।
  • जनवरी 2, 2010 - अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा ने नए सिरे से आतंक के खिलाफ जंग छेड़ने की बात की।
  • जनवरी 3-5, 2010 - यूनाइटेड स्‍टेट्स और यूनाइटेड किंगडम ने अस्‍थायी रूप से अपने दूतावास बंद किए।
  • फरवरी 11, 2011 - होस्‍नी मुबारक के खिलाफ आंदोलन शुरू।
  • जून 3, 2011 - विद्रोही बलों ने राष्‍ट्रपति के महल पर मिसाइलें दागीं।
  • सितंबर 2, 2011 - करीब 20 लाख लोगों ने राष्‍ट्रपति को पद से हटाने के लिए आंदोलन शुरू किया।
  • सितंबर 23, 2011 - राष्‍ट्रपति यमन लौटो।
  • सितंबर 30, 2011 - अनवर अल अवलाकी की हत्‍या हुई। अमेरिका पर आरोप।
  • नवंबर 23, 2011 - राष्‍ट्रपति सालेह ने सऊदी अरब के साथ एक संधि की, जिसमें समस्‍त प्रशासनिक अधिकार उपराष्‍ट्रपति को देने की घोषणा की गई।
  • जनवरी 21, 2012 - यमन की संसद ने राष्‍ट्रपति सालेह को किसी भी प्रकार के मुकदमे और कानूनी कार्रवाई से परे बनाने का कानून पारित किया।
  • फरवरी 21, 2012 - सालेह के स्‍थान पर नए राष्‍ट्रपति के लिए चुनाव हुए। उपराष्‍ट्रपति अब्‍दु रबु मंसूर हदी अकेले उम्‍मीदवार थे और वो जीते भी।
  • फरवरी 25, 2012 - अब्‍दु रबु मंसूर ने पद की शपथ ली।
  • मई 21, 2012 - यमन में हुए फिदायीन हमले में 100 यमनी बल मरे और 200 से ज्‍यादा घायल
  • मई 23, 2012 - सऊदी अरब और यूनाइटेड किंगडम ने 4 बिलियन डॉलर की मदद की घोषणा की।
  • जनवरी 17, 2015 - हौती के विद्रोहियों ने राष्‍ट्रपति के चीफ ऑफ स्‍टाफ अहमद बिन मुबारक को राजधानी सना में अपहरण कर लिया। उन्‍हें 10 दिनों बाद रिहा किया गया।
  • जनवरी 20, 2015 - हौती विद्रोहियों ने राष्‍ट्रपति के महल को कब्‍जे में लिया।
  • जनवरी 22, 2015 - राष्‍ट्रपति अब्‍दु रबू मंसूर हदी ने पद से इस्‍तीफा दिया। राजधानी सना पर हौती विद्रोहियों का कब्‍जा।
  • फरवरी 11, 2015 - अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने अपने दूतावास को बंद किया।
  • मार्च 20, 2015 - आतंकियों ने राजधानी सना की दो मस्जिदों पर बम विस्‍फोट किया, जिसमें 137 लोगों की मौत हो गई और 357 घायल हो गए। आईएसआईएस ने हमले की जिम्‍मेदारी ली।
  • मार्च 21, 2015 - अमेरिकी फौजों ने यमन से अपनी स्‍पेशल ऑपरेशन फोर्स को हटाया।
  • मार्च 22, 2015 - हौती के विद्रोहियों ने ताएज स्थिति अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे पर कब्‍जा किया।
  • मार्च 26, 2015 - सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, बहरीन, कतर और सहयोगी देशों की सेनाओं ने यमन के आतंकियों के खिलाफ अपने सैनिक भेजा और हवाई हमला शुरू किया।

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