शादी से पहले जासूस बना रहे लेनदारी-देनदारी की ' कुंडली 'Updated: Wed, 08 Jul 2015 08:43 AM (IST)

ज्योतिषी से वर-वधू की कुंडली से मिलान कराना तो अब पुराना चलन हो गया। नया ट्रेंड जासूस से लड़के की कुंडली बनवाना है।

राघवेंद्र बाबा, इंदौर। ज्योतिषी से वर-वधू की कुंडली से मिलान कराना तो अब पुराना चलन हो गया। नया ट्रेंड जासूस से लड़के की कुंडली बनवाना है। नई कुंडली भविष्यवाणी करती है... लड़का नशा करता है, मतलब सामान्य है, लेकिन बाजार की उधारी खतरनाक। एनआरआई है तो कहीं ठगोरा तो नहीं। होने वाले दामाद का चरित्र और आर्थिक स्थिति क्या है? ट्रेंड धीरे-धीरे मध्यमवर्गीय परिवारों में आ चुका है। इंदौर में सालभर में पांच हजार से ज्यादा रिश्तों की कुंडली जासूस बना चुके हैं।

रिश्तों में हो रही लगातार धोखाधड़ी के कारण माता-पिता बेहद सतर्क हो गए हैं। वे बेटी का हाथ दूसरों को सौंपने के पहले उसकी पूरी पड़ताल करना चाहते हैं। बेटी के लिए रिश्ता मांगने आया लड़का खूबसूरत है, पढ़ा लिखा भी है और व्यापार भी बढ़ा-चढ़ाकर बता रहा है, लेकिन यह कितना सच है, यह पता लगाना पिता और भाई की जिम्मेदारी है। वे लड़के के बारे में सच जानना चाहते हैं, लेकिन न तो उनके पास समय है और न ट्रिक।

लड़के की जानकारी निकालते समय उसे पता चल जाए, यह भी गलत। इसलिए शादियों के पहले युवकों-युवतियों की कुंडलियां जासूसों से भी चेक करवाई जा रही हैं। जासूस एक साल में पांच हजार रिश्तों की कुंडली बना चुके हैं।

उधारी को लेकर सबसे ज्यादा ध्यान

शहर के जासूस बताते हैं कि रिश्ता तय होने के पहले कई लोग उनके पास आते हैं। वे होने वाले दामाद या बहू की वो सारी बातें जानना चाहते हैं, जिससे उनके रिश्तों पर फर्क पड़ने वाला है। पुराने जमाने में यदि लड़का नशा करता था तो लोग उससे रिश्ता नहीं करते थे, लेकिन अब नशा आम प्रचलन में है।

लोग लड़के के नशे को लेकर इतना चिंतित नहीं होते। अब सारा ध्यान उसकी आर्थिक स्थिति पर होता है। लड़के का कारोबार कैसा है? वह किन-किन लोगों से उधार ले रहा है? यदि उसकी उधारी नहीं है तो इसका मतलब उसे बाजार में ज्यादा लोग जानते नहीं हैं।

यदि उसकी उधारी ज्यादा है तो इसका मतलब वह अधिकांश काम उधारी पर ही कर रहा है और एक दिन व्यापार डूब भी सकता है। उसके प्रोडक्ट की मार्केट में सेल कैसी है और उसकी मंथली लिमिट कितनी है। इन सब बिंदुओं की जांच इसलिए भी करवाई जाती है, ताकि लड़का-लड़की शादी के बाद खुश रहें और उन्हें कोई आर्थिक परेशानी न हो। आर्थिक स्थिति ठीक है तो बाकी के अवगुन माफ।

लड़कियों की भी जांच

लड़के भी मंगेतर की जांच करवाते हैं। लड़कियों के शौक और उनके दोस्तों के बारे में इतना ध्यान नहीं दिया जाता, लेकिन उनकी पढ़ाई, चरित्र और दोस्तों की लिमिट जानी जाती है।

20 से ज्यादा एजेंसी हैं इंदौर में

इंदौर शहर में 20 से ज्यादा डिडेक्टिव एजेंसियां काम करती हैं। कुछ प्रमुख एजेंसी किस तरह की जांचें करती हैं और उनके यहां कितने केस आते हैं, यह एजेंसियों के प्रमुख से बातचीत से पता चलता है।

इनका कहना है

-लोग हमारे यहां रिश्तों में बंधने के पहले उनकी जांच कराते हैं। हर साल 700 से एक हजार केस मैें खुद जांचता हूं। लोग अब होने वाले दामाद की आर्थिक स्थिति और बाजार की उधारियों की जानकारी ज्यादा मांगते हैं। लड़कियों की भी हिस्ट्री चेक करवाई जाती है।

पुष्पेन्द्र पुष्प, संचालक, डिडेक्टिव ग्रुप, इंदौर

-हमारे एजेंसी की ब्रांच पूरे देश में है। मप्र में पिछले 15 साल से काम कर रहे हैं और सालभर में 1000 से ज्यादा केस आते हैं जो शादी के पहले लड़का-लड़की की जांच करवाते हैं।

गोविंद पाल, एनआईबी इंडिया

-अधिकांश लोग आर्थिक स्थिति जानना चाहते हैं। उनके यहां लगभग 500 तक केस पहुंचते हैं। टीम में 30-40 लोग काम करते हैं। सारी जांचें गोपनीय होती हैं।

भावेश गुप्ता, रिलायबल इन्वेस्टिगेशन सर्विसेस

हमारी कंपनी 2010 से इंदौर में काम कर रही है। उनके यहां भी इस तरह की लगभग 1000 इंक्वायरी हर साल आती हैं। और भी कई कंपनियां हैं जो लोगों की सत्यता की जांच करती है।

दीपक कराड़िया, ब्लू कैप्स सिक्युरिटी एंड फैसेलिटी प्रालि

जासूसी के फायदे

-लड़के की आर्थिक स्थिति से परिवार की हैसियत और ओहदा पता चलता है।

-पता चलता है कि बाजार में उसका व्यापार कितना सफल रहेगा, ताकि लड़का दहेज न मांगे।

-दोनों पक्षों की सामाजिक हैसियत और पहचान कितनी है, जिससे दोनों परिवारों में मेल-जोल बना रहे।

-लड़के या लड़की की कहीं पुरानी शादी या अफेयर तो नहीं है, ताकि चरित्र को लेकर विवाद न हो।

-बहू या दामाद दूसरे शहर, प्रांत या देश से ताल्लुक रखते हों, तो सच्चाई समय पर मिल जाती है।

(जैसा जासूसी करवाने वाले लोग मानते हैं)

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