छत्‍तीसगढ़ में 7 गांवों के ग्रामीण जुटे स्‍वच्‍छता अभियान मेंUpdated: Thu, 19 Mar 2015 12:09 AM (IST)

गांव-गांव में स्वच्छता जागरूकता तहत ग्रामीण स्व-विवेक से एकजुट हो खुले में शौच मुक्त गांव बनाने की पहल शुरू दी है।

रायगढ़ (निप्र)। स्वच्छता अभियान को लेकर प्रशासन की पहल रंग लाती दिख रही है। गांव-गांव में स्वच्छता जागरूकता तहत ग्रामीण स्व-विवेक से एकजुट हो खुले में शौच मुक्त गांव बनाने की पहल शुरू दी है। इसके लिए ग्रामीण स्वयं घरों में शौचालय का निर्माण करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा गांव को प्लास्टिक कचरा मुक्त गांव बनाने पहल शुरू कर दी है।

जिले के सात गांवों में सामुदायिक सहभागिता से सम्पूर्ण स्वच्छता को लेकर खुले में शौच मुक्त बनाने की दिशा में पहल आरंभ कर दी गई है। इन गांव में टीपाखोल के ग्रामीणों में विशेष तौर पर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। शौचालय विहीन घरों में लोग स्वयं के श्रम से शौचालय निर्माण की शुरुआत कर दी है।

स्वच्छता मिशन के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा गांवों में पहुंचकर सरपंच-सचिवों के साथ ग्रामीणों की बैठक के बाद जागरूकता आने लगी है। ग्रामीणों में स्वच्छता का ऐसा जुनून चढ़ा कि वे इसके लिए युवकों व बच्चों की टोली-समिति का गठन कर दिया है।

समिति के लोग खुले में शौच जाने वालों को देखते ही सिटी बजाने लगे, इससे लोगों में खुले में शौच नहीं करने की बाध्यता आने लगी है। धीरे-धीरे लोग भी स्वच्छता अभियान में जुड़कर घरों में स्वयं के श्रम से शौचालय निर्माण शुरू कर दिया है।

दवाओं पर खर्च का किया आंकलन

प्रशासन की समझाइश पर ग्रामीणों ने हर माह दवाओं पर खर्च होने वाली राशि का आंकलन किया, तब स्वच्छता का महत्व समझ आया। इस तरह ग्रामीणों ने गांव को स्वच्छ बनाने की ठानी और खुले में शौच करने को लेकर लोगों में समिति बनाकर अन्य लोगों को जागरूक करना शुरू किया।

घर-घर बना रहे शौचालय

प्रशासन की पहल के बाद टीपाखोल, डीपापारा रायगढ़, गढ़कुर्री, भिखारीमाल, तमनार ब्लॉक के जमडबरी व लालडीपा के ग्रामीणों में स्वच्छता अभियान का गहरा असर पड़ा। अब इन गांव के घरों में शौचालय बनाने का काम शुरू हो गया है। लोग स्वयं के खर्च व श्रम से शौचालय का निर्माण कर रहे हैं। प्रशासन इसमें उन्हें तकनीकी जानकारी उपलब्ध करा रहा है।

प्लास्टिक कचरा मुक्त बनाने पहल

इन गांवों में ग्रामीण अपने आसपास के परिवेश को प्लास्टिक कचरा मुक्त बनाने का संकल्प ले रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार रायगढ़ ब्लॉक के टीपाखोल को प्लास्टिक मुक्त कचरा बनाने ग्रामीणों ने इसकी शुरुआत कर दी है। ग्रामीण गांव में घूम-घूमकर प्लास्टिक कचरा एकत्रित कर सुरक्षित स्थान पर जमा कर रहे हैं। साथ ही प्लास्टिक के उपयोग को लेकर अन्य ग्रामीणों को जागरूक करने में जुटे हैं।

इनका कहना है

समुदाय आधारित स्वच्छता अभियान का जबरदस्त असर टीपाखोल में हुआ है। लोग स्वयं के श्रम व स्वयं से शौचालय का निर्माण कर रहे हैं। जल्द ही ये गांव खुले में शौच मुक्त बन जाएंगे। इसके अलावा 5-6 गांव और हैं जहां लोग स्वच्छता अभियान से प्रेरित होकर खुले में शौच मुक्त बनाने की मुहिम में साथ दे रहे हैं।

नीलेश महादेव क्षीरसागर सीईओ, जिला पंचायत

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