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अबुधाबी-दुबई हाईवे पर बनेगा पहला मंदिर, यह होगी खास बातेंUpdated: Mon, 12 Feb 2018 09:16 AM (IST)

इस स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर व न्यूजर्सी में निर्माणाधीन मंदिर की तर्ज पर होगा।

दुबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दुबई के ओपेरा हाउस हुए में भारतवंशियों के कार्यक्रम में अबुधाबी व मध्य-पूर्व (खाड़ी देश) में पहले हिंदू मंदिर निर्माण के प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। उन्होंने इसके मॉडल का लोकार्पण भी किया।

इस स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर व न्यूजर्सी में निर्माणाधीन मंदिर की तर्ज पर होगा। यह 2020 तक बनकर तैयार हो जाएगा। मंदिर के लिए अबुधाबी के प्रिंस मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान ने अबुधाबी-दुबई हाईवे के पास मुफ्त जमीन दी है। पीएम मोदी ने इसके लिए उन्हें 125 करोड़ भारतीयों की ओर से धन्यवाद दिया।

55 हजार वर्गमीटर में बनेगा

-इस भव्य मंदिर का निर्माण 55 हजार वर्ग मीटर जमीन पर होगा।-भारतीय मंदिरों के खास शिल्पी इसे आकार देंगे। पत्थरों को तराशने का काम यूएई में ही होगा।

-2020 तक तैयार होने वाला यह मंदिर सभी धर्मों के लोगों के लिए खुला रहेगा।

- विश्व में स्वामीनारायण के 1100 से ज्यादा मंदिर

- बोचासनवासी श्रीअक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) के विश्व में 1100 से ज्यादा मंदिर हैं।

-1907 में बनी संस्था के प्रवक्ता ने बताया कि अबुधाबी का यह मंदिर परंपरागत शिलाओं से बना मध्य-पूर्व का पहला मंदिर होगा।

-यह परंपरागत हिंदू मंदिर होने के साथ ही सामाजिक, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक परिसर भी होगा।

"यह मंदिर मानवता व समरसता के उत्प्रेरक की भूमिका निभाएगा और भारतीयता की पहचान बनेगा। यहां के शासकों को भारतीय संस्कृति पर गर्व है, अब हमारी जिम्मेदारी है कि हमारी और से कोई गलती न हो। यह मंदिर न केवल शिल्प की दृष्टि से अद्वितीय होगा, बल्कि विश्वभर के लोगों को "वसुधैव कुटुम्बकम " का संदेश देगा।" -नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

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