देखें 2017 की वो तस्वीरें, जिन्होंने दुनिया भर में बटोरीं सुर्खियां

Publish Date:Sat, 30 Dec 2017 07:02 PM (IST)

वर्ष 2017 पूरे विश्व के लिए उथल-पुथल से भरा रहा। जहां एक ओर आईएसआईएस ने कई देशों में तबाही मचाई वहीं कई देशों में सत्ता परिवर्तन भी देखने को मिला। आईये आज देखते हैं उन तस्वीरों को जो 2017 में खबरों की सुर्खियां बनी।

1 अक्टूबर 2017 को लॉस वेगास में आयोजित हॉर्वेस्ट म्यूजिक फ्रेस्टिवल में हुई गोलीबारी के बीच जान बचाने का प्रयास करते लोग। इस गोलीबारी में सैकड़ो लोगों की मौत हो गई थी।

15 जून 2017 को स्पेन के वेलेंसिया में आयोजित टोमैटो फेस्ट के दौरान लोगों का हुजूम। विश्वप्रसिद्ध इस आयोजन में दुनिया के सभी देशों से लोग सम्मिलित होते हैं।

29 जनवरी 2017 को अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के ट्रैवेल बैन के विरोध में डलास फोर्ट इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विरोध प्रदर्शन करते मुस्लिम। डॉनल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति बनते ही 6 देशों को ट्रेवेल बैन सूची में डाल दिया था।

26 जनवरी 2017 को मैक्सिको के कोलिमा ज्वालामुखी के विस्फोट के समय की तस्वीर। विस्फोट से पैदा हुए धुएं और राख के कारण यहां का जनजीवन महीनों तक अस्तव्यस्त रहा था।

21 जुलाई 2017 को येरुसलेम में इजरायली सुरक्षाबलों की गोली से एक फलीस्तीनी नागरिक की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन करते लोग। येरुसलेम कई धर्मों के लिए पवित्र होने के कारण लगातार विवादों में बना रहता है।

18 जून 2017 को सीरिया में सुरक्षबलों और आतंकियों के साथ हुए युद्ध में तबाह घरों के बीच बैठकर रमजान के पवित्र मौके पर रोजा इफ्तार करते लोग इस गृहयुद्ध में लाखों लोगो की मौत हो चुकी है।

16 अप्रैल 2017 को कनाडा के न्यूफाउलैंड तट पर एक बड़े आईसबर्ग का टूकड़ा जिसे आईसबर्ग ऐली नाम दिया गया। इसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ लगी थी। कनाडा के उत्तरी ध्रुव के पास स्थित होने के कारण लगातार हिमखंडों से सामना होता रहता है।

21 नवंबर 2017 को जिंम्बाब्वे के राष्ट्रपति राबर्ट मुगाबे के इस्तीफा देने के बाद उनकी तस्वीर हरारे की संसद भवन के इंटरनेशलन कांफ्रेंस सेंटर की दीवाल से हटाते स्थानीय लोग। मुगाबे 1980 से जिम्बाब्वे की सत्ता पर आसीन थे।

1 अगस्त 2017 को जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन के बीच हुई फायरिंग में मारी गई लड़की के शोकाकुल परिजन। आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कई महीनों तक घाटी में विरोध प्रदर्शन हुए थे।