बच्चों की मासूमियत, नींद के लिए नहीं चाहिए कोई बिस्तर

Publish Date:Thu, 16 Feb 2017 02:56 PM (IST)

बच्चों की मासूमियत का कोई ठिकाना नहीं होता है। वे जहां जगह मिलती है, वहीं सो जाते हैं।

दो सोफों के बीच में सोने का हुनर तो कोई बच्चों से सीखे...

कुर्सी में भी इतनी अच्छी नींद आ सकती है...

यू आर माई पम्पकिन-पम्पकिन, हैलो हनी-बनी...

पापा के शू पॉलिश करने में इतनी थकान...

घर अगर ज्यादा बड़ा हो, तो टॉयलेट तक पहुंचते-पहुंचते नींद आ जाती है।

टीवी को ही पहाड़ की चोटी समझकर चढ़ गया, थकान तो होनी ही थी...