विवेकानंद के वो विचार जिनमें दुनिया बदलने की है ताकत

Publish Date:Thu, 11 Jan 2018 11:50 PM (IST)

संभव की सीमा जानने का केवल एक ही तरीका है , असंभव से आगे निकल जाना।

एक समय आता है, जब मनुष्‍य अनुभव करता है कि थोड़ी सी मनुष्‍य की सेवा करना लाखों जप ध्‍यान से कहीं बढ़कर है।

दिन में आप एक बार स्‍वयं से बात करें, अन्‍यथा आप एक बेहतरीन इंसान से मिलने का मौका चूक जाएंगे।

जितना बड़ा संघर्ष होगा जीत उतनी ही शानदार होगी।

लगातार पवित्र विचार करते रहें, बुरे संस्‍कारों को दबाने के लिए एक मात्र समाधान यही है।

जिस समय जिस काम के लिए प्रतिज्ञा करो, ठीक उसी समय पर उसे करना ही चाहिए, नहीं तो लोगों का विश्‍वास उठ जाता है।

विश्‍व एक व्‍यायामशाला है, जहां हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं।

सभी शक्ति तुम्‍हारे भीतर है, आप कुछ भी और सब कुछ कर सकते हैं।

उठो, जागो और तब तक नहीं रूको जब तक लक्ष्‍य ना प्राप्‍त हो जाए।