तब और अब : देश की लेडी पॉलिटिशियन्स की अनदेखी तस्वीरें

Publish Date:Wed, 16 May 2018 05:58 PM (IST)

वर्तमान में कई ऐसी महिला नेता हैं जिन्होंने पुरुष प्रभुत्व को चुनौती देते हुए राजनीति में बड़ा नाम कमाया है। इनके काम का डंका न केवल देश बल्कि विदेशों तक बजा है। इन महिला नेताओं के पहले की तस्वीरें देखतक आप इन्हें शायद ही पहचान पाएं-

स्मृति ईरानी- केन्द्रीय मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी का जन्म 23 मार्च 1977 को दिल्ली में हुआ था। वह अपनी 3 बहनों में सबसे बड़ी थीं। ईरानी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत वर्ष 2003 में बतौर भाजपा के सदस्य बनकर की थी।

सुषमा स्वराज- वर्तमान में भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को मोदी सरकार की सबसे सफल मंत्रियों में गिना जाता है। सुषमा स्वराज की ट्विटर डिप्लोमेसी को बहुत सराहा जाता है। इससे पहले सुषमा स्वराज दिल्ली की मुख्यमंत्री और हरियाणा कैबिनेट में मंत्री भी रह चुकी हैं। सुषमा स्वराज का विवाह स्वराज कौशल के साथ हुआ है।

पूनम महाजन- दिवांगत राजनेता प्रमोद महाजन की बेटी पूनम महाजन वर्तमान में लोकसभा सांसद हैं। पूनम भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा की पहली महिला अध्यक्ष के साथ बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया की भी अध्यक्ष हैं।

सोनिया गांधी- सोनिया गांधी मूलत इटली की रहने वाली हैं। इनका विवाह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ वर्ष 1968 में हुआ था। राजीव गांधी के असामयिक देहांत के बाद इन्होंने पार्टी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी निभाई। वर्तमान में इनके पुत्र राहुल गांधी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

निर्मला सीतारमण- भारत की पहली महिला रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण का जन्म तमिलनाडु में हुआ था। इन्होंने इकोनामिक्स की पढ़ाई की है। विवाह बाद कांग्रेस समर्थक परिवार होने के बावजूद इन्होंने भाजपा को ज्वाईन किया और इस ओहदे तक पहुंची हैं। सीतारमण ने इससे पहले बीबीसी वर्ल्ड सर्विस और प्राइस वाटरहाउस के साथ काम किया है।

मेनका गांधी-भारत सरकार में केन्द्रीय मंत्री मेनका गांधी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी की पत्नी हैं। परिवार कांग्रेसी होने के बावजूद इन्होंने विपक्षी भाजपा से अपनी राजनीति की शुरुआत की। इनके पुत्र वरुण गांधी भी भाजपा से लोकसभा सांसद हैं।

ममता बनर्जी- कांग्रेस को छोड़कर अपनी अलग पार्टी बनाने वाली ममता बनर्जी ने राजनीति में बड़ा नाम कमाया है। वर्तमान में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस बनाने के बाद कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इससे पहले भी ममता बनर्जी केन्द्र में मंत्री रह चुकी हैं।

मायावती- बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमों मायावती उत्तर प्रदेश की 4 बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। दलित राजनीति से सत्ता में आई मायावती का सोशल इंजिनियरिंग का फार्मूला सफल साबित हुआ था। इनके राजनीतिक गुरु काशीराम थे।