शेषनाग पर सवार हो प्रभु पहुंचे ब्याह रचाने

Publish Date:Fri, 12 Jan 2018 03:36 PM (IST)

इंदौर में धनुर्मास के 27वें दिन गुरुवार को लक्ष्मीवेंकटेश देवस्थान छत्रीबाग में गोदारंगनाथ विवाहोत्सव का आयोजन किया गया। रंगजी बना की गोदा बनी रे दुल्हनिया जैसे भजन गाए गए।

सैकड़ों वैष्णवजन भगवान के विवाह के साक्षी बने। कोई घराती बना तो कोई बराती बनकर शामिल हुआ। प्रभु शेषनाग पर सवार को विवाह मंडप में पहुंचे।

रामानुजाचार्य स्वामी विष्णुप्रपन्नाचार्य भगवती गोदा अंबा के श्री विग्रह को गोद में लेकर भक्तों के साथ सत्संग मंडप में पहुंचे।

प्रभु रंगनाथ गदा, पद्म, कटार धारण कर सुंदर-सा साफ पहन रजत शेषनाग पर सवार होकर आए।

नाचते, गाते, झूमते बरातियों की लंबी कतार साथ थी। भक्तों का एक बड़ा समूह वेंकटरमणा गोविंदा, श्रीनिवासा गोविंदा का जयघोष करता चल रहा था। द्वार पर तोरण मारकर रंगनाथ प्रभु ने विवाह मंडप में प्रवेश किया।

151 घड़े खिरान्ना का प्रसाद वितरण किया गया। भजन गायक द्वारकादास मंत्री ने भजनों की प्रस्तुति दी। विधि-विधान से विवाह उत्सव संपन्ना हुआ।

भगवान को श्रीदेवी, भूदेवी संग पुष्करणी में चक्रस्नान कराया गया। भक्तों ने भी मोक्ष की मंगल कामना से डुबकियां लगाईं। स्वामी केशवाचार्य ने कहा कि रामानुज स्वामी वैष्णव संप्रदाय के सर्वश्रेष्ठ गुरु थे।

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