इस रिटा. पोस्टमास्टर ने भी अपनी 'मुमताज' के लिए बनाया है ताजमहलUpdated: Thu, 20 Aug 2015 08:17 AM (IST)

यूपी में ही एक और ताजमहल भी है, जिसे एक रिटायर पोस्टमास्टर ने अपनी 'मुमताज' के लिए बनाया है।

बुलंदशहर। मुगल शासक शाहजहां का अपनी बेगम मुमताज महल के लिए बनाया आगरा स्थिति ताजमहल सब जानते हैं, लेकिन यूपी में ही एक और ताजमहल भी है, जिसे एक रिटायर पोस्टमास्टर ने अपनी 'मुमताज' के लिए बनाया है।

फैजूल हसन कादरी का बनाया यह ताजमहल बुलंदशहर से करीब 50 किमी दूर केसर कलां गांव में है। कादरी का निकाह ताजामुल्ली से 1953 में हुआ था।

एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक, निकाह के 58 साल बाद यानी 2011 में कैंसर से ताजामुल्ली का इंतकाल हो गया। कदही ने उन्हें अपनी खेती की जमीन पर दफनाया। इसके बाद अपनी सारी जमा पूंजी 'मिनी ताजमहल' बनाने में लगा दी। हालांकि काम पूरा होने से पहले ही सारे पैसे खर्च हो गए। तीन साल से काम रूका पड़ा है।

कादरी ने बताया, शुरू में मैंने अपनी जमीन का एक हिस्सा 6 लाख रुपए में बेचा। फिर 1.5 लाख रुपए में चांदी के कुछ जेवर बेचकर मकबरे का काम शुरू किया। कुल 11 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं, लेकिन मार्बल लगाने का काम बचा है। मैं मकबरे के आसपास गार्डन भी बनाना चाहता हूं। इस सबके लिए 6-7 लाख रुपयों की और दरकार है।

नहीं लूंगा किसी की मदद, अपने दम पर बनाऊंगा

  • मकबरे के आसपास चार मिनारें हैं जो करीब 27 फीट ऊंची हैं।
  • गार्डन के लिए कुछ पेड़ भी उगाए गए हैं।
  • आगरा वाले ताज के पीछे यमुना नदी बहती है। यहां भी पीछे छोटा का तालाब है।
  • मार्बल के लिए कई लोग आर्थिक मदद की पेशकश कर चुके हैं, लेकिन कादरी ने इनकार कर दिया।
  • उनका कहना है कि यह अपनी बीवी के प्रति उनके प्यार का तोहफा है। वे किसी की मदद नहीं लेंगे।

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