आगरा : शाहजहां और मुमताज की कब्रों तक पहुंचा प्रदूषण का असरUpdated: Sun, 23 Apr 2017 11:32 PM (IST)

ताज पर प्रदूषण का असर गहरा है। यह हर वक्त बंद रहने वाले तहखाने की मुख्य कब्रों तक भी पहुंच रहा है।

आगरा। ताज पर प्रदूषण का असर गहरा है। यह हर वक्त बंद रहने वाले तहखाने की मुख्य कब्रों तक भी पहुंच रहा है। धवल संगमरमर से बनी शहंशाह शाहजहां और मुमताज की कब्रें पीली पड़ गई हैं, जबकि साल में यह केवल तीन दिन के लिए ही खुलती हैं।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) विभाग तहखाना बंद रहने, धूल और नमी के चलते यह स्थिति होने की बात कर रहा है। ताज में शाहजहां और मुमताज की मुख्य कब्रें तहखाने में स्थित हैं। मुख्य मकबरे में उनके ठीक ऊपर इनकी प्रतिकृति है। मुख्य कब्रें लंबे समय पहले आम सैलानियों के लिए बंद कर दी गई थीं। अब यह शाहजहां के उर्स के दौरान ही खोली जाती हैं।

रविवार को उर्स शुरू होने पर यह कब्रें खुलीं, तो उनके संगमरमर पर पीलापन छाया हुआ था। नीचे से लेकर ऊपर तक यही स्थिति थी। तहखाने की दीवारों के कुछ पत्थरों का भी यही हाल था।

कुछ पत्थरों पर काले व भूरे रंग के दाग भी नजर आए। एएसआइ की रसायन शाखा ने इस स्थिति पर विचार किया है। उर्स खत्म होने के बाद तहखाने का निरीक्षण कर मडपैक करने या नहीं करने पर फैसला लिया जाएगा।

हालांकि उर्स के दौरान गंदे हुए तहखाने के हिस्सों को मडपैक से साफ किया जाएगा। एएसआइ के विशेषज्ञों के अनुसार ताज के तहखाने में नमी की समस्या रहती है। संगमरमर पर समय के साथ भी पीलापन आता है।

हम जब मुख्य मकबरे में काम करेंगे, तब तहखाने को भी देखा जाएगा। उर्स के बाद इसका मुआयना किया जाएगा। अगर जरूरत होगी तो मडपैक करेंगे।

-डॉ. एमके भटनागर, अधीक्षण पुरातत्वज्ञ रसायन

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