सर्दियों में दिल्ली से छोटे शहरों को कम उड़ानेंUpdated: Sun, 02 Nov 2014 11:50 PM (IST)

उत्तर भारत में कोहरे और धुंध की संभावनाओं के मद्देनजर डीजीसीए ने दिल्ली से छोटे विमानों की उड़ानों पर पाबंदी लगाने का फैसला किया है।

नई दिल्ली, ब्‍यूरो। इस बार सर्दियों में दिल्ली से छोटे शहरों की उड़ान भरने के इच्छुक हवाई यात्रियों को कुछ दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। उत्तर भारत में कोहरे और धुंध की संभावनाओं के मद्देनजर डीजीसीए ने दिल्ली से छोटे विमानों की उड़ानों पर पाबंदी लगाने का फैसला किया है। ऐसा इन विमानों में कैट-3 बी इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम न होने के कारण किया गया है। ज्यादातर एयरलाइनें छोटे शहरों के लिए छोटे विमानों का इस्तेमाल करती हैं।

कैट-3 बी इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम और इस प्रणाली में प्रशिक्षित पायलटों को कोहरे के दौरान उड़ानों के लिए आवश्यक माना गया है। फिलहाल एयरलाइनों ने केवल बड़े विमानों में इस प्रणाली को लगाया और उन्हीं के पायलटों को प्रशिक्षित किया है। छोटे शहरों को उड़ने वाले विमानों में कैट-1 या कैट-2 आईएलएस प्रणाली ही लगाई गई है। यह मामूली या सामान्य कोहरे के लिए तो उपयुक्त है, परंतु दिल्ली में दिसंबर-जनवरी के दिनों में कभी-कभार जिस तरह का घना कोहरा होता है, उसमें कैट-3 ए और कैट-3 बी आईएलएस के बिना काम नहीं चलता।

दिल्ली के आसपास के छोटे शहरों में चंडीगढ़, अमृतसर, शिमला, जम्मू, देहरादून आदि आते हैं। चूंकि इन स्थानों के लिए बहुत ज्यादा यात्री नहीं मिलते, इसलिए खर्च बचाने के लिए एयरलाइनें छोटे विमानों के इस्तेमाल को प्राथमिकता देती हैं। परंतु इस बार सर्दियों में ऐसे विमानों को दिल्ली से उड़ान भरने या दिल्ली में उतरने की अनुमति नहीं होगी। केवल वही छोटे विमान दिल्ली आ सकेंगे या जा सकेंगे, जिनमें आईएलएस-कैट-3बी प्रणाली लगी होगी।

फिलहाल एयर इंडिया और जेट एयरवेज के पास एटीआर श्रेणी के जबकि स्पाइसजेट के पास बंबार्डियर क्यू400 श्रेणी के छोटे विमान हैं। छोटे शहरों के लिए उड़ान संचालित करने वाली एयर इंडिया की शाखा एलायंस एयर के पास सीआरजे-700 श्रेणी के छोटे विमान हैं। उसने हाल ही में दिल्ली से पंतनगर के बीच सप्ताह में चार उड़ान भरने का एलान किया है। एयरलाइन दिल्ली से गोरखपुर व राजकोट के बीच भी जनवरी से उड़ान शुरू करने वाली है।

डीजीसीए सूत्रों के अनुसार कैट-3बी विहीन छोटे विमानों को 15 दिसंबर के बाद दिल्ली से उड़ान भरने या दिल्ली में उतरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ये विमान कैट-3 बी युक्त विमानों के लिए भी दिक्कत पैदा करेंगे, जिससे संपूर्ण यातायात पर असर पड़ सकता है। डीजीसीए ने पिछली सर्दियों में इंडिगो, गो एयर तथा जेट एयरवेज पर कोहरे के दौरान कैट-3 बी लगे विमानों के बगैर दिल्ली में लैंडिंग करने के लिए दंडित किया था।

जेट एयरवेज के पास उपलब्ध कुल 102 विमानों के बेड़े में एटीआर 72-500 श्रेणी के 15 छोटे विमान हैं। इसके अलावा 68 सीटों वाले एटीआर 72-600 श्रेणी के तीन अन्य छोटे विमान भी हैं। इसी तरह स्पाइस जेट के 53 विमानों के बेड़े में 78 सीटों वाले क्यू 400 श्रेणी के 15 छोटे बंबार्डियर विमान हैं।

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