आसमान से विमान ने गिराया मानव अपशिष्‍ट तो एयरलाइंस को भरना पड़ेगा जुर्मानाUpdated: Wed, 21 Dec 2016 02:21 PM (IST)

अगर कोई विमान आसमान से जमीन पर इंसानी मल गिराते हैं तो अब उन्‍हें 50 हजार रुपए तक जुर्माना देना पड़ सकता है।

नई दिल्ली। उड़ान के दौरान अगर कोई विमान आसमान से जमीन पर इंसानी मल गिराते हैं तो अब उन्‍हें 50 हजार रुपए तक जुर्माना देना पड़ सकता है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को निर्देश दिया है कि वह सभी एयरलाइंस को इसके बारे में जानकारी दे दे।

हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, एक रिटायर्ड सेना के अधिकारी लेफ्ट‍िनेंट जनरल सतवंत सिंह दहिया ने याचिका दायर कर कहा था कि दक्षिण दिल्ली के वसंत एनक्लेव स्थित उनके मकान की छत पर अक्सर विमानों से मल-मूत्र गिरता रहता है।

पर्यावरण क्षतिपूर्ति लिया जाए

याचिका पर सुनवाई करते हुए स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली एनजीटी की बेंच ने कहा कि डीजीसीए को यह निर्देश जारी करना चाहिए कि लैंड करने वाले सभी एयरक्राफ्ट की औचक जांच हो। यदि किसी विमान में ऐसा पाया जाता है तो उससे नियम के उल्लंघन के लिए 50,000 रुपये का पर्यावरण क्षतिपूर्ति लिया जाए।

'स्वच्छ भारत अभ‍ियान' के नियमों का उल्लंघन

पीड़ित लेफ्ट‍िनेंट जनरल सतवंत सिंह दहिया के मुताबिक, एयरलाइंस पर इसके लिए भारी जुर्माना लगाया जाए, क्योंकि वे लोगों के स्वास्थ्य को तो खतरे में डाल ही रहे हैं, साथ ही 'स्वच्छ भारत अभ‍ियान' के नियमों का भी उल्लंघन कर रहे हैं।

पीड़ित का यह भी है दर्द

पीड़ित का कहना है कि कि विमानों से फेंके गए मल की वजह से उनके घर की छत और दीवारें काफी गंदी हो गईं और उन्हें इनकी पेंटिंग पर 50,000 रुपये खर्च करने पड़े।

इस पर एनजीटी ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) से कहा था कि वह एक इंजीनियर भेजकर दहिया के आरोपों की जांच करे।

सीपीसीबी ने दहिया के छत से लिए गए सैंपल की जांच के बाद कहा कि यह तो साफ है कि यह मानव मल है, लेकिन यह कहां से आया है, इसके बारे में कुछ पुख्ता नहीं कहा जा सकता।

नागर विमानन मंत्रालय ने दहिया की याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि विमानों के टायलट में मल-मूत्र एक विशेष टैंक में रखा जाता है और विमान के लैंड करने के बाद ही इसका निस्तारण किया जाता है।

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