कर्ज में डूबी एयर इंडिया कर्मियों को मुफ्त टिकटUpdated: Mon, 20 Jan 2014 08:55 AM (IST)

सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया गले तक कर्ज में डूबी होने के बाद भी अपने स्‍टाफ को मुफ्त एयर टिकट्स की सुविधा दे रही है।

नई दिल्ली। संकटग्रस्त सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया भले ही कर्ज और घाटे में गले तक डूबी हुई है, मगर अपने कर्मचारियों को दिल खोलकर मुफ्त टिकट बांट रही है। कर्मियों व अधिकारियों को साल में आठ से लेकर 24 तक मुफ्त टिकट दिए जा रहे हैं। इनमें से आधे मुफ्त पास अंतरराष्ट्रीय यात्राओं में इस्तेमाल होते हैं।

कंपनी और इसकी सब्सिडियरियों में कुल मिलाकर 24 हजार कर्मचारी हैं। एयर इंडिया पर 35 हजार करोड़ रुपये का कर्ज बोझ है। इसके अलावा चालू वित्त वर्ष 2013-14 में इसका घाटा करीब 3,900 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।

कंपनी केंद्र सरकार से मिली पूंजी सहायता पर निर्भर है। सरकार अब तक इसे 12,200 करोड़ रुपये दे चुकी है। इसके बावजूद एयर इंडिया के डायरेक्टरों और एमडी जैसे आला अधिकारियों को देश-विदेश की मुफ्त सैर के लिए सालाना 24 टिकट मिलते हैं। डीजीएम और इससे ऊपरी रैंक वाले अफसर ऐसे 20 मुफ्त टिकटों के हकदार हैं।

इसके बाद एजीएम और सीनियर एजीएम की श्रेणी वाले अधिकारियों को 12 से 16 टिकट मुफ्त में लेने की सुविधा है। बाकी स्टाफ को आठ से 12 मुफ्त यात्राओं के पास बांटे जाते हैं। कर्मचारी अपने मुफ्त टिकटों में से चार अपने भाई, बहन, बेटी, दामाद और बहू की यात्रा के लिए दे सकते हैं। इसके अलावा कंपनी से सेवानिवृत्त कर्मियों को भी टिकट मुफ्त में मिलते हैं।

इस मामले में कंपनी प्रबंधन का कहना है कि एयर इंडिया में इंडियन एयरलाइंस के 2007 में विलय से पहले दोनों एयरलाइनों के वरिष्ठ अधिकारियों को घरेलू यात्रा के लिए असीमित संख्या में टिकट मिलते थे। इसे बंद कर अब टिकटों की संख्या सीमित कर दी गई है। यही नहीं, एविएशन कंपनी का घाटा भी लगातार कम हो रहा है।

वर्ष 2011-12 में कंपनी ने 7,560 करोड़ रुपये का भारी घाटा उठाया था। साल 2012-13 में कंपनी के नुकसान का आंकड़ा घटकर 5,200 करोड़ रुपये पर आ गया। चालू वित्त वर्ष में इस घाटे के और भी नीचे आने की उम्मीद है।

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