महिलाओं के लिए ज्यादा खतरनाक है स्मोकिंग, जानिए क्योंUpdated: Mon, 08 Jan 2018 09:30 AM (IST)

धूम्रपान करने वाले महिलाओं में बांझपन का खतरा अधिक रहता है। इसके साथ ही उनके लिए गर्भ धारण करना भी मुश्किल हो जाता है।

मल्टीमीडिया डेस्क। धूम्रपान सेहत के लिए नुकसानदेह होता है, यह बात तो सभी जानते हैं। मगर, एक हालिया अध्ययन से पता चला है कि स्मोकिंग से पुरुषों की तुलना में महिलाएं अधिक प्रभावित होती हैं।

इसका कारण यह है कि सिगरेट में मौजूद कैंसर पैदा करने वाले सब्सटेंस पुरुषों और महिलाओं के शरीर पर अलग-अलग तरीकों से प्रतिक्रिया देते हैं। जानते हैं कि पुरुषों के मुकाबले धूम्रपान करने से महिलाओं पर कितना अधिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है...

दिल के रोग

लैंसैट में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, जो महिलाएं पुरुषों के बराबर ही धूम्रपान करती हैं, उनमें पुरुषों की तुलना में हृदय रोगों जैसे कोरोनरी हार्ट डिजीज होने की आशंका 25 प्रतिशत तक अधिक होती है।

गर्भावस्था और स्तनपान

धूम्रपान करने वाले महिलाओं में बांझपन का खतरा अधिक रहता है। इसके साथ ही उनके लिए गर्भ धारण करना भी मुश्किल हो जाता है। धूम्रपान करने वाली गर्भवती महिलाओं के बच्चे का जन्म समय से पहले होने या जन्म के बाद बच्चे की मृत्यु हो जाने का खतरा बढ़ सकता है। इसकी वजह से महिलाओं के स्तन में बनने वाले दूध की मात्रा भी कम हो जाती है।

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धूम्रपान से पुरुषों की प्रजनन क्षमता भी प्रभावित होती है, लेकिन महिलाएं बच्चे को गर्भ में धारण करती हैं, इसलिए इसका सबसे बुरा असर महिलाओं और उनके होने वाले बच्चों पर होता है।

धमनियों की हालत

यूरोप में किए गए एक अध्ययन में पता चला है कि पुरुषों के बराबर स्मोकिंग करने वाली महिलाओं की धमनियों की मोटाई पुरुषों के मुकाबले पांच गुना अधिक हो जाता है। लिहाजा पुरुषों की तुलना में महिलाओं की आर्टरीज की स्थिति ज्यादा खराब हो जाती है।

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फेफड़ों का कैंसर

न्यूयार्क में एक शोध में पता चला कि पुरुषों के बराबर स्मोकिंग करने वाली महिलाओं को फेफड़ों का कैंसर होने का खतरा पुरुषों से दोगुना अधिक होता है। पुरुष में इसका जोखिम कम होता है क्योंकि यूरीन के दौरान उनके शरीर से कुछ कार्सिनोजेन्स निकल जाते हैं। वहीं, महिलाओं के शरीर में इन पदार्थों को कार्सिनोजेनिक में बदल दिया जाता है।

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