अब मंगलनाथ का भी आरओ जल से होगा अभिषेकUpdated: Thu, 11 Jan 2018 03:59 AM (IST)

राजाधिराज महाकाल के बाद अब भगवान मंगलनाथ का भी आरओ जल से अभिषेक होगा।

उज्जैन। राजाधिराज महाकाल के बाद अब भगवान मंगलनाथ का भी आरओ जल से अभिषेक होगा। मंगलनाथ मंदिर प्रबंध समिति ने करीब 4 लाख रुपए की लागत से नया आरओ प्लांट लगाया है। बुधवार को पुजारियों ने प्लांट की पूजा-अर्चना कर इसकी शुरुआत की।

मंदिर समिति अध्यक्ष व एसडीएम गजेंद्र डाबर ने बताया नवंबर में हुई प्रबंध समिति की बैठक में महाकाल मंदिर की तर्ज पर मंगलनाथ मंदिर में भी क्षरण रोकने के उपाय करने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए पंचामृत की मात्रा सुनिश्चित कर दी गई थी। पॉलीथिन पर भी प्रतिबंध लगाया गया था। इसी कड़ी में भगवान के अभिषेक के लिए अब आरओ जल की व्यवस्था की गई है। समिति ने 4 लाख रुपए की लागत से सिंगापुर की एस्ट्रोमंत्र कंपनी से आरओ प्लांट लगवाया है।

आरओ जल का उपयोग भगवान के अभिषेक के साथ दर्शनार्थियों के लिए पेयजल के रूप में भी होगा। प्लांट की क्षमता 1 घंटे में 500 लीटर जल शुद्घ करने की है। पानी के स्टोरेज के लिए 1 हजार लीटर की टंकी लगाई गई है। पूर्व मंदिर समिति सदस्य पं.महेंद्र भारती ने बताया मंदिर समिति ने नए साल में श्रद्घालुओं को सौगात दी है। मंगलनाथ मंदिर में औसतन 3 से 4 हजार श्रद्घालु प्रतिदिन दर्शन करने आते हैं। ऐसे में 5 घंटे प्रतिदिन प्लांट चला तो पूर्ति हो जाएगी।

कम्प्यूटराइज्ड मिलेगी अभिषेक की रसीद

देश-विदेश से भगवान मंगलनाथ की भातपूजा करने आने वाले भक्तों को अब कम्प्यूटराइज्ड रसीद मिलेगी। एसडीएम डाबर ने बताया आरओ प्लांट लगाने वाली कंपनी ने मंदिर में कम्प्यूटर सिस्टम तथा प्रिंटर दान किया है। एक दो दिन में हाईटेक सुविधा शुरू हो जाएगी। गौरतलब है कि अभी तक मंदिर कार्यालय से भक्तों को मैन्युअल रसीद दी जाती है। इस व्यवस्था में गड़बड़ी होने की आशंका बनी रहती है। कई बार इसकी शिकायत भी हुई है।

भक्तों की सुविधा के लिए स्टील की बैंच लगाई

मंदिर परिसर में भक्तों की सुविधा के लिए समिति ने करीब 1 दर्जन स्टील की बैंच लगाई है। दर्शन की कतार में कई बुजुर्ग और दिव्यांग दर्शनार्थियों को भी खड़े रहना पड़ता था। मंदिर समिति ने करीब 2 लाख रुपए की लागत से बैंच लगाई है।

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