नाबालिग का अपहरण कर धर्म परिवर्तन कराया और कर लिया निकाहUpdated: Fri, 12 Jan 2018 10:57 PM (IST)

कोतवाली थाने में सनसनीखेज मामले की जीरो पर एफआईआर दर्ज की गई है।

शाजापुर। कोतवाली थाने में सनसनीखेज मामले की जीरो पर एफआईआर दर्ज की गई है। गुरुवार को हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारियों के साथ थाने पहुंची युवती ने उज्जैन निवासी तीन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। एफआईआर के अनुसार पीड़िता देवास जिले की रहने वाली है। करीब चार साल पहले उज्जैन निवासी युवक उसे बातों में उलझाकर उज्जैन ले गया था।

उसके बाद उसे बंधक बनाकर रखा। चार साल की अवधि में आरोपी ने कई बार दुष्कर्म भी किया। जिससे उसे दो साल एक बेटा है और वह आरोपी पति के कब्जे में है। खास बात यह है कि आरोपी और पीड़िता अलग-अलग समुदाय के हैं। आरोपी ने पीड़िता का धर्म परिवर्तन भी कराया और उससे बलपूर्वक निकाह कर लिया।

कोतवाली पुलिस के अनुसार धर्म परिर्वतन, अपहरण और दुष्कर्म का मामला है। पीड़िता गुरुवार को मौका पाकर आरोपी के घर से भाग निकली। कुछ दूर पैदल चलने के बाद वह यात्री बस में सवार हो गई। बस शाजापुर बस स्टैंड पर आकर रुकी। यहां वह एक कोने में खड़े होकर रो रही थी। पीड़िता को रोते देख संतोष नामक युवक उसके पास पहुंचा और परेशानी के बारे में पूछा। इसके बाद पीड़िता ने पूरा मामला बताया।

मामले की जानकारी शहर के हिंदूवादी संगठन के लोगों को भी लगी। इसके बाद संगठन के पदाधिकारी एसपी ऑफिस पहुंचे और काफी देर तक वरिष्ठ अफसरों से चर्चा की। अफसरों ने विचार-विमर्श कर मामले में जीरो पर केस दर्ज करने का निर्णय लिया।

गुरुवार देर रात केस दर्ज कर शुक्रवार को केस डायरी देवास पुलिस को भेज दी गई। कोतवाली पुलिस ने नाबालिग आरती (बदला हुआ नाम) 19 वर्ष निवासी खुर्दली थाना कन्नाौद (देवास) की शिकायत पर 3/4 मप्र धर्म स्वतंत्र अधिनियम 1968, पास्को अधिनियम 2012 और अपहरण, दुष्कर्म आदि की धाराओं में केस दर्ज किया है। आगे की कार्रवाई देवास पुलिस करेगी।

नजर रखी जाती

आरोपी ने युवती का धर्म परिवर्तन भी एक मौलवी को घर बुलाकर करा दिया। पीड़िता के हाथ पर हिंदू धर्म का चिन्ह बना हुआ था। इसे मिटाने के प्रयास भी किए गए। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि हर वक्त उस पर नजर रखी जाती थी और घर से बाहर तक नहीं निकलने दिया जाता था। जिस दिन वह घर से भागकर आई, आरोपी राजा उसे घर में ही रहने की हिदायत देने के साथ कहकर गया था। थोड़ी देर बाद भतीजा अजहर घर आने वाला था। इस बीच वह मौका पाकर चंगुल से छूट भागी।

बंधक बनाकर रखा

पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2013 में राजा उर्फ आसिफ पिता रसीद खान (35) उसे बातों में उलझाकर उज्जैन ले गया। तब से उसने मुझे उज्जैन के एक घर में बंधक बनाकर रखा। इस काम में उसकी भाभी नूर फातमा और उसका भतीजा अजहर ने भी मदद की। उसने कुछ दिन नूर फातमा के घर भी बंधक बनाकर रखा। पुलिस ने तीनों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

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