मुक्तिधाम नही तो खुद के खेत में कर रहे थे पिता की अंत्येष्टिUpdated: Sun, 07 Jan 2018 07:25 PM (IST)

नगरनिगम के वार्ड क्रमांक 4 के निवी गांव में मुक्तिधाम नहीं है।

मुरैना। नगरनिगम के वार्ड क्रमांक 4 के निवी गांव में मुक्तिधाम नहीं है। इसलिए गांव के जगदीश, सुरेश व पप्पू बघेल अपने पिता पूरन की अंत्येष्टि अपने खेत में करने जा रहे थे। खेत पार्षद के घर के पास था। इसलिए पार्षद पति ने घर के पास अंत्येष्टि करने से रोक दिया। हालांकि बाद में पंचायत व पुलिस के पहुंचने के बाद उसी खेत में मृतक की अंत्येष्टि की गई। इस बीच काफी देर तक गांव में तनाव जैसी स्थिति बनी रही।

जगदीश के 80 वर्षीय पिता पूरन सिंह का बीमारी की वजह से शनिवार रात को निध्ान हो गया। रविवार सुबह जगदीश, उसके भाई सुरेश, पूरन व अन्य रिश्तेदार पार्षद लाड़ंती देवी पत्नी मुरारी कुशवाह के घर के पास खेत की सफाई अंत्येष्टि करने के लिए करने लगे।

जब इस बात की खबर पार्षद पति को लगी तो उन्होंने खेत में अंत्येष्टि करने से रोक दिया। इससे गांव में तनाव की स्थित बन गई। चूंकि जगदीश व उनके परिवार के पास और खेत नहीं हैं, इसलिए गांव में पंचायत हुई। जिसमें पार्षद पति व परिवार के लोग भी शामिल हुए। साथ ही पुलिस भी पहुंच गई। इसके बाद पार्षद पति मान गए और खेत में ही अंत्येष्टि की गई।

निवी गांव में खेत पर ही करना होता है अंतिम संस्कार

निवी गांव में मुक्तिधाम नहीं है। शहर व अन्य गांवों के मुक्तिधाम काफी दूर हैं। इसलिए गांव के लोग अपने-अपने खेतों पर परिजनों की मौत के बाद उनका अंतिम संस्कार करते हैं। जगदीश के साथ समस्या इसलिए हुई क्योंकि उसका खेत पार्षद के घर के पास था।

इसलिए नहीं करने दे रहे थे अंत्येष्टि

गांव के लोगों ने बताया कि पूरन सिंह की लंबी बीमारी के बाद मौत हुई थी। इसलिए पार्षद व उनके परिवार के लोगों को डर था कि अंत्येष्टि के दौरान बदबू व धुआं उनके घर में आएगा और उनके यहां भी बीमारी फैल सकती है इसलिए वे अपने घर के पास अंत्येष्टि नहीं करने दे रहे थे।

क्या कहते हैं पार्षद पति

पूरन को बीमारी थी इसलिए घर के पास अंत्येष्टि से रोका, लेकिन जगदीश आदि के पास दूसरा खेत नहीं था। मुक्तिधाम है नहीं, जगह की परेशानी थी। इसलिए बाद में अंत्येष्टि करने के लिए भी कह दिया और अंत्येष्टि करवा दी है।

मुरारी कुशवाह, पार्षद पति, वार्ड क्रमांक चार

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