आंबेडकर विवि में जल्द बढ़ेंगी 102 फैकल्टीUpdated: Fri, 12 Jan 2018 10:52 PM (IST)

पीएससी से होंगी परीक्षाएं, कृषि शिक्षा के विषयों में अभी भी परेशानी आदित्य सिंह महू। आंबेडकर सामाजिक विज्ञान विवि की समस्याएं जल्दी ही कम हो सकती हैं। विवि में जल्दी ही प्रोफेसरों और गाइडों की भर्ती की जाएगी। यह भर्ती पीएससी के माध्यम से होनी है और उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल-मई तक यहां सौ से ज्यादा भर्तियां होंगी। फैकल्टी की कमी का वि

पीएससी से होंगी परीक्षाएं, कृषि शिक्षा के विषयों में अभी भी परेशानी

आदित्य सिंह

महू। आंबेडकर सामाजिक विज्ञान विवि की समस्याएं जल्दी ही कम हो सकती हैं। विवि में जल्दी ही प्रोफेसरों और गाइडों की भर्ती की जाएगी। यह भर्ती पीएससी के माध्यम से होनी है और उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल-मई तक यहां सौ से ज्यादा भर्तियां होंगी। फैकल्टी की कमी का विवाद यहां काफी दिनों से जारी था, जिसके चलते सबसे ज्यादा परेशानी यहां अध्ययनरत छात्रों को हो रही है।

आंबेडकर विवि में 102 नए पद सृजित होने जा रहे हैं। इनमें 32 असिस्टेंट प्रोफेसर, 63 पद एसोसिएट प्रोफेसर, 10 पद प्रोफेसर या डीन के होंगे। जानकारी की मानें तो जल्दी ही मप्र लोक सेवा आयोग इसके लिए परीक्षा आयोजित कर सकता है। इस प्रक्रिया को कम से कम समय में पूरा किया जाना है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि मई तक हर हाल में ये नियुक्तियां पूरी कर अध्ययन कार्य शुरू किया जाए। इसके अलावा लाइब्रेरियन और दूसरे अकादमिक पदों के लिए विवि में जल्दी ही भर्तियां की जाएंगी।

कई प्रयासों के बाद शासन की हामी- विवि में फैकल्टी की कमी की समस्या काफी समय से है। यहां पढ़ रहे विद्यार्थियों की परेशानी सबसे ज्यादा है। रजिस्ट्रार डॉ. एचएस त्रिपाठी ने कई महीनों से इस बारे में लगातार शासन से मांग की। पिछले काफी दिनों से विवि के अधिकारी नियुक्तियों को लेकर भोपाल में जमे हुए थे। यहां प्रभारी कुलपति डॉ. बीआर नायडू की भूमिका अहम रही। वे उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भी हैं। बताया जाता है कि नायडू ने विवि की परेशानी शासन तक पहुंचाई और मंजूरी में अहम भूमिका निभाई, जिसके बाद अब मप्र लोक सेवा आयोग को उच्च शिक्षा विभाग की ओर से विवि के पदों के लिए परीक्षा आयोजित करने के लिए कहा गया है। इसका विज्ञापन जल्दी ही जारी होगा।

बॉक्स में -0

फिलहाल विवि में एमफिल और पीएचडी के 250 शोधार्थी हैं जिनके लिए 9 प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापक हैं और चार रिसर्चिंग स्टाफ है। वहीं विवि में एग्रीकल्चर की पढ़ाई भी शुरू हो चुकी है जिसमें अलग-अलग कोर्स में करीब पीएचडी और एमएससी एजी में करीब 250 विद्यार्थी हैं लेकिन व्याख्याताओं की कमी यहां भी है। यहां छात्र खेती का केवल किताबी ज्ञान ही हासिल कर पा रहे हैं।

-जी हां, हमारी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शासन से अनुमति मिल चुकी है। अब हमने पीएससी को इसके लिए लिखा है। उनके जवाब का इंतजार है। हमें उम्मीद है कि जल्दी ही हमें उनसे अनुमति मिलेगी और भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। -एचएस त्रिपाठी, रजिस्ट्रार, आंबेडकर विवि

संबंधित खबरें

जरूर पढ़ें

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.