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पीसी सेठी अस्पताल में आग, ओटी में फंसी प्रसूता और स्टॉफUpdated: Fri, 19 May 2017 06:27 PM (IST)

संयोगितागंज स्थित पीसी सेठी अस्पताल में शुक्रवार सुबह आग लग गई।

इंदौर। संयोगितागंज स्थित पीसी सेठी अस्पताल में शुक्रवार सुबह आग लग गई। ओटी के पास बने कमरे में रखी अलमारी से शुरू होकर आग ओटी के दरवाजे तक पहुंच गई। उस वक्त ओटी में एक महिला के ऑपरेशन की तैयारी चल रही थी। दरवाजे जाम होने पर ओटी के कांच तोड़कर महिला मरीज और स्टॉफ को किसी तरह बाहर निकाला गया। अस्पताल में भर्ती 10 महिलाओं को एमवायएच शिफ्ट कराया गया जबकि बाकी की छुट्टी कर दी गई। आग की वजह से अलमारी में रखा गर्भवती और प्रस्तूओं का रिकार्ड भी जल गया।

सुबह करीब 11 बजे पीसी सेठी अस्पताल के ओटी के पास रखी लकड़ी की अलमारी अचानक जलने लगी। उस वक्त एक महिला के सीजर की तैयारी चल रही थी। आग लगने से धुंआ ओटी में भी भरा गया। आग की वजह से ओटी के गेट पर लगी रबड़ की पट्टियां फूल गई जिससे गेट जाम हो गया।

भीतर अटके डॉक्टर, स्टाफ और मरीज में घबरा गए। देखते ही देखते आग विकराल रूप लेने लगी और धुंआ अस्पताल के वार्डों तक पहुंच गया। वार्डों में भर्ती महिलाएं और उनके परिजन अचानक हुए इस घटनाक्रम से घबरा गए और नीचे की तरफ भागने लगे।

वहां मौजूद डॉक्टर और स्टॉफ ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी और ओटी के पास लगे अग्निशमन उपरकरणों की मदद लेकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। स्टाफ ने किसी तरह ओटी के गेट के कांच फोड़कर गेट खोला और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग की चपेट में आई

घटना के वक्त अस्पताल में 25 से ज्यादा महिलाएं भर्ती थीं। शुक्रवार सुबह ही एक महिला का ऑपरेशन हुआ था, जबकि दूसरी को ओटी में लिया जा चुका था। आग लगने के बाद मची हड़कंप की वजह से मरीजों को खासी परेशानी हुई। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें। जिन महिलाओं की स्थिति सामान्य थी उनकी हाथोंहाथ छुट्टी कर दी गई।

आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। सूचना मिलने पर एसडीएम शालीनी श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंची। उन्होंने उस जगह का निरीक्षण भी किया जहां आग लगी थी। आग की चपेट में आने से गर्भवती और प्रसूताओं का रिकार्ड जल गया।

एक-दो दिन में सुचारु होगी व्यवस्था

संभवत: ज्यादा तापमान की वजह से अलमारी में रखे इंजेक्शन में कुछ रिएक्शन होने से आग की शुरुआत हुई। अलमारी में रखी दवाइयां, रिकॉर्ड सहित कुछ दूसरी स्टेशनरी भी जल गई। एक-दो दिन में अस्पताल की व्यवस्था सुचारु हो जाएगी।

-माधव हासानी, सीनियर मेडिकल ऑफिसर, पीसी सेठी अस्पताल

दवाइयां नहीं पकड़ सकती आग

तापमान बढ़ने से अलमारी में रखा इंजेक्शन फूट सकता है, लेकिन उसके आग पकड़ने की आशंका नहीं रहती। रासायनिक विश्लेषण भी इसकी संभावना नहीं जताता। दवाइयां भी गर्मी की वजह से आग पकड़ लें, यह संभव नहीं।

प्रो. राजीव दीक्षित (रसायन विशेषज्ञ)

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