6 माह से किस्टीना स्काईप पर कर रही थीं बेटी से बातUpdated: Sun, 14 Jan 2018 03:48 AM (IST)

ग्वालियर की बेटी पीहू अपनी स्पेनिश मां से पिछले छह माह से स्काईप के जरिए लगातार बात कर रही थीं।

ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। ग्वालियर की बेटी पीहू अपनी स्पेनिश मां से पिछले छह माह से स्काईप के जरिए लगातार बात कर रही थीं। वहीं पीहू को स्पेनिश महिला द्वारा गोद लिए जाने के निर्णय के बाद मातृछाया शिशु कल्याण केंद्र ने भी पीहू को स्पेनिश सिखाने के लिए पिछले छह माह से टयूटर लगाया हुआ था। स्काइप के जरिए संपर्क में रहने के चलते पीहू किस्टीना को पहचानने लगी थी।

ग्वालियर में शनिवार को गोद लेने आई किस्टीना को देखकर पीहू ने उन्हें बड़े प्यार से मां कहकर बुलाया। वहीं किस्टीना ने भी पीहू को अपनी बाहों में भरकर सीने से लगा लिया और उसके गाल को प्यार से चूमा। इसके बाद मातृछाया शिशु कल्याण केंद्र ने दीपयज्ञ सम्पन्न कराकर हिन्दू रीति रिवाज के बाद किस्टीना को पीहू को सौंपा।

स्पेनिश महिला किस्टीना ने बताया कि उसने भारतीय महिला बाल विकास मंत्रालय की साइट कारा पर 5 साल पहले आवेदन किया था। छह माह पहले किस्टीना को मंत्रालय में कई बच्चों की फोटो दिखाई। तस्वीरों को देखते हुए किस्टीना की निगाह जैसे ही पीहू की फोटो पर गई उसका मातृत्व उमड़ पड़ा। इसके बाद किस्टीना ने पीहू को गोद लेने का निर्णय लिया।

मातृछाया शिशु कल्याण केंद्र के विजय गुप्ता ने बताया कि अधिकारियों से पीहू को गोद लिए जाने की जानकारी मिलने पर उन्होंने किस्टीना और पीहू की स्काइप के जरिए बात कराई। लेकिन पीहू को स्पेनिश और इंग्लिश नहीं आती थी। पीहू को स्पेनिश और इंग्लिश सिखाने के लिए एक टयूटर भी लगाई जो कि पिछले छह माह से पीहू को इन भाषाओं की शिक्षा दे रही हैं। पीहू को गोद देने की रस्म के दौरान वहां पर कलेक्टर राहुल जैन, एमआईसी सदस्य खुशबू गुप्ता, अधिवक्ता अरविंद दूदावत आदि मौजूद थे।

ये जैकेट मम्मा ने दी

किस्टीना स्पेन से अपने साथ पीहू के लिए एक जैकेट लेकर आई थीं। इस जैकेट को उसने पीहू को गिफ्ट किया जिसे पीहू ने पहन लिया। कुछ देर बाद जब दूसरे बच्चों ने पीहू से जैकेट के बारे में पूछा तो उसने बहुत प्यार से जबाव दिया कि ये जैकेट तो मेरे लिए मम्मा लेकर आई हैं।

बेटी को पूजा करते एकटक देखती रही मां

किस्टीना को गोद देने से पहले मातृछाया शिशु कल्याण केंद्र द्वारा गायत्री परिवार के माध्यम से दीपयज्ञ कराया गया। दीपयज्ञ में गायत्री परिवार के साथ पीहू भी मंत्रों का जाप कर रही थी, इसके बाद पीहू ने भगवान के समक्ष दीप प्रज्जवलित किया और भगवान की तिलक लगाकर पूजा की। पीहू को भक्तिभाव से पूजा करते किस्टीना एकटक देखती रहीं। संभवतः किस्टीना को भी विश्वास नहीं हो रहा था कि सात साल की बच्ची इतनी समझदार और चंचल भी हो सकती है।

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