भगवान के चरणों के फूल ही खिलाएंगे 'फूल', मंदिरों में बनेगी खादUpdated: Sun, 14 Jan 2018 03:48 AM (IST)

भगवान के चरणों में श्रृदा-भाव से चढ़ाए जाने वाले फूल ही अब फूल खिलाएंगे।

वरुण शर्मा, ग्वालियर। भगवान के चरणों में श्रृदा-भाव से चढ़ाए जाने वाले फूल ही अब फूल खिलाएंगे। कचरेदान से लेकर सड़क पर दिखने वाले इन फूलों के कारण अब आस्था का अपमान नहीं होगा। नगर निगम ने शहर में पहली बार मंदिरों में ही चढ़े हुए फूलों से खाद बनाने का प्रयोग शुरु कर दिया है। इसमें शहर के 10 प्रमुख मंदिरों को पहले चुना गया है जिसमें साईं बाबा मंदिर से प्रयोग शुरु भी कर दिया गया है। बैक्टीरिया ट्रीटमेंट से मंदिर में ही 40 दिनों में फूलों से बेहतर क्वालिटी की खाद तैयार हो जाएगी जो मंदिरों में ही श्रदालुओं को रियायती दर पर दी जाएगी। इसके लिए कंपोस्ट यूनिट भी मंदिरों में लगवाना शुरु कर दिया है।

भगवान की पूजा अर्चना के समय फूलों का विशेष महत्व होता है। इसी मान्यता के चलते शहर के प्रमुख बड़े मंदिरों पर आने वाले श्रदालु फूल, माला आदि अपने साथ लेकर आते हैं और भगवान की प्रतिमा पर चढ़ाते हैं। इन फूलों को पुजारी व सेवादारों को हटाना पड़ता है और वे इन्हें एक जगह इकट्ठा कर देते हैं। अभी तक मंदिरों पर चढ़ाए गए फूल-माला आदि इधर-उधर पड़े दिख जाते हैं। कहीं सड़क तो कहीं कचरादान में फूल पड़े रहते हैं। मंदिर प्रबंधन से लेकर श्रदालु भी इसका ध्यान नहीं रख पाते हैं, अंततः आस्था का अपमान ही होता है। इसे रोकने के लिए नगर निगम ने यह विकल्प तैयार किया है।

जानिए : ऐसे बनेगी खाद

एक विशेष तौर पर तैयार कल्चर जिसमें करीब 20 से ज्यादा अलग-अलग तरह के बैक्टीरिया शामिल हैं। इसको गोबर के घोल में प्रिजर्व करके रखा जाता है। इसे फूलों में डालने के बाद 40 से 50 दिन में यह सारे बैक्टीरिया फूलों को खा जाते हैं और खाद बनकर तैयार हो जाती है। इसके लिए कंपोस्ट पिट बनाए गए हैं जिसमें एक पिट में लोग व मंदिर स्टाफ चढ़ाए गए फूलों को रख सकता है और शेष दो में फूलों से खाद तैयार होने की प्रक्रिया होगी।

इन मंदिरों को किया शामिल

साईं बाबा मंदिर, अचलेश्वर मंदिर, खेड़ापति मंदिर, कोटेश्वर, गुप्तेश्वर, भूतेश्वर, गरगज के हनुमान सहित शेष तीन और मंदिरों को चुना जा रहा है। कुल 10 मंदिरों पर कंपोस्ट पिट रखवाए जाएंगे।

फूलों का गणित : विशेष दिन डेढ़ क्विंटल तक मात्रा

अचलेश्वर मंदिर पर सोमवार को डेढ़ क्विंटल तक फूल चढ़ते हैं,आम दिनों में 60 किलो के करीब फूल-माला चढ़ते हैं। साईं बाबा मंदिर पर गुरुवार के दिन 80 किलो तक फूल-माला चढ़ते हैं,आम दिनों में 30 किलो के करीब फूल चढ़ते हैं। इसी तरह दूसरे शिवालयों और मंदिरों पर भी फूलों की अच्छी खासी मात्रा रोजाना आती है।

क्या भाव : इन दिनों

गुलाब-100 रुपए प्रतिकिलो

गेंदा-60 रुपए

सफेद फूल-70 रुपए

1 किलो फूल से 500 ग्राम खाद

एक किलो फूल से इस प्रयोग से 500 ग्राम खाद मिलेगी। इस खाद को 10 रुपए प्रति किलो में मंदिरों में आने वाले श्रदालुओं को दिया जाएगा। इस खाद का उपयोग वे घरों में लगने वाले गार्डन व दूसरे पौधों में भी कर सकेंगे। आमतौर पर नर्सरियों में मिलने वाली खाद 20 से 50 रुपए में आधा किलो मिलती है और वह वर्मी कंपोस्ट माध्यम से तैयार होती है जो इससे बेहतर नहीं होती।

निगम का यह बेहतर प्रयास

शहर के सभी प्रमुख मंदिरों पर बैक्टीरिया के जरिए चढ़े हुए फूलों से खाद बनाने का यह बेहतर प्रयास है। हमारे द्वारा तकनीकी सहयोग किया जा रहा है। निगम कमिश्नर ने यह पहल की है जिससे भगवान के चरणों में चढ़ाए जाने वाले फूलों का अपमान न हो। कंपोस्ट पिट लगाई जा रही हैं। जय सिंह नरवरिया, प्रोजेक्ट ऑफिसर, जिला पंचायत

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