'वो गंदे लड़के मुझे छूने की कोशिश कर रहे थे, पुलिस वाले मुझे समझाकर चले गए'Updated: Fri, 12 Jan 2018 06:45 AM (IST)

मैं गुना से ट्रेन में जलंधर जाने के लिए बैठी थी। इसी बीच बहुत सारे लड़के कोच में चढ़ गए।

ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। 'मैं गुना से ट्रेन में जलंधर जाने के लिए बैठी थी। इसी बीच बहुत सारे लड़के कोच में चढ़ गए। लोगों ने कहा भी कि ये रिजर्वेशन कोच है, लेकिन वह धक्का देकर अंदर आ चुके थे। जब अश्लील फब्तियां कसना शुरू किया तो हमने कोच में मौजूद जवानों को बताया, वह उन गंदे लड़को से कुछ कहने की जगह हमें ही समझाकर चले गए। जब उन्होंने मुझे छूने की कोशिश की तो मुझे रोना आ गया। मुझे रोता देख पास की बर्थ पर बैठी आंटी को तरस आया और उन्होंने लड़कों को जमकर डांट लगाई और एक लड़के को दो तमाचे लगाए। इसके बाद आंटी मुझे ऊपर बर्थ पर बैठाकर नीचे बैठ गईं।'

ये दर्द इंदौर चंडीगढ़ एक्सप्रेस से जलंधर की यात्रा कर रही रानी (परिवर्तित नाम) ने बयां किया। रानी एस-11 कोच में सवार थी और गुना से जलंधर जा रही थी। उसने बताया कि वह वहां पर पढ़ाई करती है। इस ट्रेन से यात्रा करने वाले हर यात्री की स्थिति कुछ ऐसी ही थी। सेना भर्ती से लौट रहे उत्पाती युवकों ने महिला, लड़की, बूढ़े और बच्चे किसी को भी नहीं बख्शा। शाजापुर से ट्रेन में सवार हुई जूली वर्मा ने बताया कि लड़के हंगामा तो कर ही रहे थे, साथ ही महिलाओं एवं लड़कियों से छेड़छाड़ भी कर रहे थे। हमने आरपीएफ के जवानों को बुलाकर शिकायत भी की, लेकिन किसी ने हमारी मदद नहीं की। इसके बाद मुझे खुद ही बच्ची की मदद के लिए आगे आना पड़ा।

ट्रेन से फेंकने की धमकी दे रहे थे

ट्रेन में सवार सलमान नाम के युवक ने बताया कि उत्पाती युवक बार-बार चेन खींच रहे थे। जिसके कारण ट्रेन लेट हो रही थी। हमने जब समझाने का प्रयास किया तो बोले कि चुपचाप बैठे रह, नहीं तो नीचे फेंक देंगे। हमने टीटीई को भी इसके बारे में बताया, लेकिन वे यह बोलकर चले गए कि हम खुद इनसे परेशान हैं।

विवेकानंद नीड्म पर हंगामा

इंदौर-चंड़ीगढ़ एक्सप्रेस शाम पौने पांच बजे शिवपुरी से रवाना हुई थी। ये ट्रेन 1.55 घंटे में ग्वालियर पहुंचती है, लेकिन गुरुवार को ये ट्रेन रात 9 बजे ग्वालियर पहुंची है। पूरे रास्ते में करीब 30 बार चैन पुलिंग की घटना हुई है। विवेकानंद नीड्म के पास लड़कों ने चेन पुलिंग कर हंगामा शुरू कर दिया, जब आरपीएफ के जवान पहुंचे तो आउटर में कूदकर भाग गए। जैसे तैसे ट्रेन आगे बढ़ी तो ग्वालियर स्टेशन के पास फिर चैन पुलिंग करके लड़के कूदकर भागने लगे। आरपीएफ के जवानों ने युवकों पर जमकर लाठियां भांजी और 7 युवकों को गिरफ्तार कर लिया।

जवान खड़े देख, 4 नंबर से भागे

ट्रेन प्लेटफार्म नंबर 3 पर रूकी थी, यहां पर जब उत्पाती युवकों ने आरपीएफ एवं जीआरपी के जवानों को खड़े देखा तो प्लेटफार्म नंबर 4 की तरफ दौड़ लगा दी। जो स्टेशन के बाहर निकल गए, वे तो बच गए। जबकि जिन लोगों ने हंगामा करते हुए ट्रैक से भागने का प्रयास किया उनमें से 7 गिरफ्तार कर लिए गए। इनके खिलाफ हंगामा एवं अनाधिकृत तरीके से ट्रेन रोकने का मामला दर्ज किया गया है।

ड्राइवर बोला-पत्थर रखकर बैठे थे लड़के

इंदौर-चंड़ीगढ़ ट्रेन के ड्राइवर महेश कुमार ने बताया कि लड़कों ने पूरे रास्ते बार-बार चेन पुलिंग की। ट्रेन करीब दो घंटे में ग्वालियर पहुंचती है, लेकिन गुरुवार को करीब 4 घंटे लग गए। यही नहीं युवकों ने ट्रैक से उठाकर अपने पास पत्थर रख लिए थे। हालांकि हमारे या इंजन के ऊपर कोई पत्थर नहीं मारा है। लेकिन वह गुजरने वाली ट्रेनों पर जरूर पत्थर फेंक रहे थे।

हर यात्री का दर्द-किसी ने नहीं की मदद

ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा के लिए आरपीएफ के जवानों का स्काड चलता है। लेकिन इंदौर चंड़ीगढ़ ट्रेन में सवार प्रत्येक यात्री का दर्द था कि शिकायत के बाद भी किसी सिपाही तक ने उनकी मदद नहीं की।

बुंदेलखंड एक्सप्रेस में चढ़ी भीड़

ग्वालियर रेलवे स्टेशन यार्ड में खड़ी बुंदेलखंड एक्सप्रेस में गुरूवार रात यात्रियों की भीड़ चढ़ना शुरू हो गई। हंगामे की सूचना जब आरपीएफ को मिली तो जवानों को भेजकर जबरिया सभी को बाहर निकाला गया। इसमें ज्यादातर लोग इलाहबाद संक्रांति के नहान के लिए जाने वाले थे।

साथ के लड़कों ने चेन पुलिंग कर उठाया

गोहद निवासी उदित पचौरी पिता नरेन्द्र पचौरी सेना भर्ती के लिए गुना गया था। लौटते समय बदरवास के पास जब ट्रेन रूकी तो वह गुटखा खाने के लिए बाहर गेट पर आकर खड़ा हो गया। कोच में भीड़ काफी ज्यादा थी, इसी बीच अचानक उदित अपना संतुलन खो बैठा और ट्रैक पर जा गिरा। साथी युवकों ने जब देखा तो तत्काल चैन पुलिंग कर युवक को उठाया। पहले तो युवक को बदरवास भेजा गया, जहां से जेएएच के लिए रैफर किया गया था। वर्तमान में युवक बिड़ला अस्पताल में भर्ती है। सिर में चोट होने के कारण हालत गंभीर बताई जा रही है।

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