स्वच्छता सर्वेक्षण-2017 : ये दो गीत बन गए साफ-सफाई के प्रेरक

Thu May 04 19:41:29 IST 2017

इंदौर। देवी अहिल्‍या की नगरी इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर बन गया है। नई दिल्ली में आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण-2017 के सम्मान कार्यक्रम में क्रेन्द्रीय शहरी विकास मंत्री श्री वेकैंया नायडू ने स्वच्छ भारत रैंकिंग में पूरे देश में इंदौर को सबसे स्वच्छ शहर की श्रेणी में पहले नम्बर पर पुरस्कृत किया।

इंदौर नंबर वन कैसे बना इसके पीछे एक राज छिपा हुआ है। दरअसल शहर में हर दरवाजे से कचरा जमा करने के लिये दिन-रात 350 छोटे वाहन चलाए जाते हैं। इन वाहनों दो कर्णप्रिय गीत भी इस दौरान बजते रहते हैं। इन गीतों से ही लोग साफ सफाई की ओर प्रेरित हुए और इस पहलु ने इंदौर को देश का सबसे साफ शहर बनाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई।

कचरा एकत्रित करने के लिए ये वाहन शहर की सड़कों और गली-मोहल्लों में लगातार फेरे लगाते हैं। अलसुबह से देर रात तक यह क्रम जारी रहता है। इन वाहनों में लगे लाउड स्पीकरों में कैलाश खेर का गाया गीत ‘स्वच्छ भारत का इरादा कर लिया हमने’ और गायक शान की आवाज में गाया गीत ‘हल्ला-होहल्ला…इंदौर को स्वच्छ बनाना है, अब हमने ये ठाना है’ बजता रहता है।

आलम यह है कि 25 लाख की अनुमानित आबादी वाले शहर में ये गीत सफाई के प्रेरक बन गए हैं। वहीं इंदौर नगर निगम के अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह के अनुसार पहले हमसे कई लोग शिकायती लहजे में अक्सर सवाल करते थे कि उनके घर या प्रतिष्ठान के पास कचरा पेटी नहीं होने से वे कूड़ा आखिर कहां फेंकें। इसलिये साल भर पहले शहर में इस तरह के वाहनों के जरिये हर दरवाजे से कचरा जमा करने की मुहिम शुरू की गई।

इन वाहनों के जरिये सुबह छह बजे से रात 12 बजे तक दो सत्रों में कचरा जमा कराया जा रहा है। इसके साथ ही शहर से बड़ी कचरा पेटियां हटवा कर छोटे डस्टबिन लगवा दिये गए हैं। छोटी गाड़ियों से जमा कचरे को अलग.अलग जगहों पर खाली किया जाता है। वहां से कचरे को बड़ी गाड़ियों के जरिये ट्रेचिंग ग्राउंड पहुंचा दिया जाता है।

उल्‍लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने जनवरी में इंदौर के शहरी क्षेत्र को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया था। इसके लिये नगर निगम ने दो साल पहले अभियान चलाकर लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाई। 12,549 एकल शौचालय बनाये गये तथा 174 सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों की हालत सुधारी गई। 17 चलित शौचालय खरीदे गये। निगम ने पिछले दो साल में सुलभ इंटरनेशनल संस्था की मदद से 61 नये सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण भी कराया है।

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