पतंगबाजी के लिए दो दिन गुजरात 'पागल' होने वाला हैUpdated: Sat, 13 Jan 2018 08:54 AM (IST)

सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का त्योहार उत्तरायण पर्व यहां 14 और 15 जनवरी को मनाया जाएगा।

आशीष बंम। एक महीने पहले गुजरात चुनाव के दौरान एक जुमला खूब उछला था "विकास पागल हो गया है"। अब स्थिति उलट है। आज गुजरात खुद पागल होने को बेकरार है। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का त्योहार उत्तरायण पर्व यहां 14 और 15 जनवरी को मनाया जाएगा। उत्तरायण को लेकर यहां जबरदस्त माहौल है। बाजारों में आम दिनों की अपेक्षा ज्यादा रौनक है और खरीदारी भी ज्यादा हो रही है।

ऑटो चालक अख्तर भाई कहते हैं अगले दो दिन पूरा गुजरात पागल होने वाला है। सारी दुकानें बंद रहेंगी और लोग छतों पर होंगे। बस एक ही शोर सुनाई देगा...काइपो छे (काटा है)। लोग डीजे पर नाचेंगे और उंधिया-फाफड़ा खाएंगे। कहा जाता है कि इन दो दिनों में यहां कोई खाना नहीं बनाता और सब बाहर का ही खाना पसंद करते हैं।

ऐसी है तैयारी

काइट फेस्टिवल में भारी भीड़, बांट रहे बैंडेज

गुजरात सरकार के आयोजन काइट फेस्टिवल में अहमदाबाद में साबरमती नदी किनारे अभी रोज एक बार में 5 हार की भीड़ जुट रही है। 44 देशों के पतंग बाजो के साथ करीब 18 राज्यों के 100 से ज्यादा देशी पतंगबाज भी यहां आए हैं। सरकार की तरफ से यहां पतंग बनाना भी सिखाया जा रहा है। वहीं एक निजी कंपनी मुफ्त में बैंड डेज बांट रही है ताकि हाथों को चोट ना पहुंचे।

दुपहिया वाहनों पर मांजा गार्ड

पतंग और डोर खरीदने के अलावा यहां दुपहिया चालकों ने गाड़ी पर मांजे से सुरक्षा के लिए गार्ड भी लगवाया है ताकि गाड़ी चलाते वक्त गर्दन ना कटे। अनुज भाई ने बताया कि हर साल गर्दन कटने से कई लोग जान गवांते हैं तो कई घायल होते है। ये 40 रुपए में 40 लाख की जान बचाने जैसा है। लोखंडवाला रॉड के नाम से जानी जाने वाली यू शेप की रॉड गाड़ी में आगे लगाई जाती है।

सड़कों पर पतंग ही पतंग

पुराने अहमदाबाद में सड़कों पर डोर(मांजा) बनाने का काम जोर शोर से चल रहा है। अब सबको बस 14 जनवरी के इंतजार है। पतंग बाजों को पतंग उड़ाने का और दुकानदारों को शानदार बिजनेस का।

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