अश्लील CD कांड : 1500 कॉल डिटेल खंगालने पर खुला राजUpdated: Thu, 02 Nov 2017 03:56 AM (IST)

एसआईटी ने विनोद वर्मा के मोबाइल के पिछले दो महीने का कॉल डिटेल खंगाला तो कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई।

रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में बवाल मचाने वाले कथित अश्लील सीडी कांड की आंच कांग्रेस के कुछ और नेताओं के अलावा कुछ पत्रकारों तक पहुंच गई है। एसआईटी ने विनोद वर्मा के मोबाइल के पिछले दो महीने का कॉल डिटेल खंगाला तो कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई।

विनोद से लगातार संपर्क में रहने वाले करीब डेढ़ हजार नंबरों को पुलिस ने चिन्हांकित कर उसके डिटेल निकाले। अब इसके जरिए सीडी के नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि भिलाई, रायपुर के दो बड़े कांग्रेस नेताओं के अलावा कुछ पत्रकारों की भी भूमिका सीडी कांड में है। एक-दो दिनों में संदेह के घेरे में आए सभी लोगों से पूछताछ की जाएगी।

पुलिस के बेहद विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विनोद वर्मा और पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल के बेहद करीबी भिलाई निवासी विजय भाटिया, वहीं के एक कांग्रेस नेता, राजधानी के दो कांग्रेस नेता और कुछ पत्रकारों की भूमिका संदेह के घेरे में है। दरअसल विनोद व भूपेश से ये लोग लगातार संपर्क में रहे हैं। जांच में यह भी साफ हुआ है कि विजय ने ही रायपुर के कांग्रेस नेताओं के माध्यम से सीडी का वितरण करवाया है। इसके लिए पैसे भी दिए गए।

दो हफ्ते में जांच रिपोर्ट

विनोद के कब्जे से जब्त मोबाइल, लैपटॉप, पेन ड्राइव, सीडी आदि इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट को जांच के लिए हैदराबाद फॉरेंसिक लैब भेजने की तैयारी है। लैब के अधिकारियों से बात की जा चुकी है। अफसरों के मुताबिक लैब से कहा गया है कि वह दो हफ्ते के भीतर जांच रिपोर्ट दे, लिहाजा गैजेट्स हाथोहाथ भेजे जाएंगे। जांच में पता चलेगा कि अश्लील सीडी कब और कैसे बनाई गई।

तीन और मंत्रियों की सीडी

सूत्रों का कहना है कि विनोद के कब्जे से जब्त पेन ड्राइव में तीन और मंत्रियों का अश्लील वीडियो सेव है। ये वीडियो सीडी के रूप में बाहर भी आ चुके हैं। अगर इसमें थोड़ी भी सच्चाई है तो एक बार फिर राजनीतिक तामपान बढ़ने के आसार हैं।

ऐसे गुजरी पहली रात

विनोद वर्मा की सेंट्रल जेल में पहली रात असहज तरीके से गुजरी। रात में जल्दी सोने और सुबह जल्दी उठने के नियम से वर्मा परेशान हुए। सुबह साढ़े पांच बजे जेल की बैरक में ऐ मालिक तेरे बंदे हम... गीत गूंजने पर विनोद वर्मा की नींद खुल गई। जेल में नियम है कि बंदी साढ़े पांच उठें। दिन की सार्थक शुरुआत के उद्देश्य से यह गीत बजाया जाता है।

नहीं हो पाई परिजनों की मुलाकात, कपड़े दिए

बुधवार दोपहर को विनोद से मुलाकात करने परिजन जेल पहुंचे थे, लेकिन अवकाश की वजह से मुलाकात नहीं हो पाई। हालांकि परिजनों ने अपने साथ लाए कपड़े और दैनिक सामान का बैग जेल प्रबंधन को थमा दिया था, जिसे बाद में विनोद वर्मा को सौंप दिया गया।

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