जबड़े में थी हथेली, हलक में हाथ डाला तो भागा भालूUpdated: Thu, 07 Dec 2017 09:14 PM (IST)

हर रोज की आदत के तहत जंगल पहुंचे एक ग्रामीण को तीन खूंखार भालूओं ने घेर लिया।

कोरबा । हर रोज की आदत के तहत जंगल पहुंचे एक ग्रामीण को तीन खूंखार भालूओं ने घेर लिया। किसी तरह बच निकलने का प्रयास करते हुए वह भागने लगा, पर भालुओं में से एक ने उसे दबोच लिया, जिसके जबड़े में ग्रामीण की हथेली जकड़ चुकी थी।

इस विकट घड़ी में भी उसने होश और हिम्मत कायम रखा। हथेली छुड़ाने की बजाय पूरा का पूरा हाथ भालू के हलक में डाल दिया। जिससे भालू छटपटाने लगा और उसका हाथ छोड़ दिया। यही सुनहरा मौका ग्रामीण के लिए संजीवनी बना और जान बचाने गांव की ओर दौड़ लगा दी। मदद की पुकार सुन ग्रामीण एकत्र हुए। इसके बाद उसे बुरी तरह घायल छोड़ भालू जंगल में भाग गए।

गुस्र्वार अलसुबह की यह हैरतंगेज घटना कोरबा वनमंडल के सुदूर वनांचल ग्राम भैसमा की है। यहां रहने वाले सीताराम (39) तड़के अकेले ही शौच के लिए जंगल की ओर गया था। वापसी के दौरान जंगल में उसका सामना तीन खूंखार भालुओं से हो गया। सीताराम को देखते हुए भालू उसे दौड़ाने लगे।

पीछे पड़ी मौत से बचने वह बेतहाशा भागने लगा। बदहवासी के आलम में उसका पैर फिसलने से वह गिर पड़ा। तीन भालू उसके ऊपर टूट पड़े और पंजों से हमला करना शुरू कर दिया। ऐसी स्थिति में भी हैरत की बात यह रही कि सामने मौत को देखकर भी उसने डर को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया।

वह भालुओं के हमले से खुद को बचाने उन पर हाथ से ही वार भी करता रहा। तीनों भालओं में से एक ने उसकी हथेली जबड़े में दबोच ली। उसने हिम्मत का परिचय देते हुए अपनी बांह भालू के मुंह में डाल दी।

इससे भालू की सांस गले में ही अटक रही थी, जिससे भालू ने उसका हाथ छोड़ दिया। भालू की पकड़ से खुद को छुड़ाकर सीताराम ने एक बार फिर गांव की ओर दौड़ लगा दी। इस बार वह कामयाब रहा और उसकी चीखें सुन दौड़ पड़े ग्रामीणों को देख भालू जंगल की ओर भाग गए।

नहीं बदली खुले में शौच की आदत

जंगल में शौच के लिए गए ग्रामीण की भालूओं से सामना होने की यह कोई पहली घटना नहीं है। खुशकिस्मती से सीताराम की जान बच गई, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर सरकारी दावों की पोल खोलकर रख दी है। सीताराम भी अपनी आदत बदलने में नाकामयाब रहा, क्योंकि गुस्र्वार की तड़के भी वह अपनी वर्षों पुरानी आदत के अनुसार जंगल में शौच के लिए निकला था।

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