प्रार्थना सभा के नाम चंदा वसूली, 450 छात्राओं ने किया स्कूल का बहिष्कारUpdated: Fri, 10 Nov 2017 06:46 PM (IST)

0.चंदे को लेकर मिशन स्कूल गिनाबहार में मचा बवाल पᆬोटो क्रमांक- 10जेएसपी 1 धरने पर बैठी छात्राएं, जेएसपी 3, 4 प्राचार्य और अभिभावकों के बीच हंगामा। सिंगीबहार/ जशपुर। कुनकुरी विकासखंड के गिनाबहार में मिशन संस्था द्वारा संचालित हाईस्कूल के प्राचार्य पर प्रार्थना सभा के नाम राशि वसूलने एंव मारपीट किए जाने से छात्राओं ने स्कूल का बहिष्कार कर दिया

0.चंदे को लेकर मिशन स्कूल गिनाबहार में मचा बवाल

पᆬोटो क्रमांक- 10जेएसपी 1 धरने पर बैठी छात्राएं, जेएसपी 3, 4 प्राचार्य और अभिभावकों के बीच हंगामा।

सिंगीबहार/ जशपुर। कुनकुरी विकासखंड के गिनाबहार में मिशन संस्था द्वारा संचालित हाईस्कूल के प्राचार्य पर प्रार्थना सभा के नाम राशि वसूलने एंव मारपीट किए जाने से छात्राओं ने स्कूल का बहिष्कार कर दिया। गुुरुवार से स्कूल का बहिष्कार कर रही छात्राओं के समर्थन में शुक्रवार को अभिभावक व स्कूल के स्टाफ भी आ गए और जमकर हंगामा किया। पूरे दिन हाईस्कूल प्रांगण में हंगामा मचा रहा और शाम में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद समझाइश और उच्च प्रबंधन द्वारा आश्वासन दिए जाने पर छात्राएं घर लौटीं ।

ग्राम गिनाबहार स्थित मिशन हाईस्कूल के कक्षा 12 वीं की एक छात्रा द्वारा प्रार्थना सभा के लिए 200 रुपए चंदा नहीं दिए जाने पर प्राचार्य पुष्पारानी ने छात्रा की पिटाई कर दी। जिसके बाद छात्रा के कान से खून बहने लगा। छात्रा को एक कान से सुनाई नहीं दे रहा है। घटना को देख वहां उपस्थित सभी छात्राएं लामबंद हो गईं और कक्षा का बहिष्कार करते हुए प्रांगण में धरने पर बैठ गईं। छात्राओं के लामबंद होने पर यहां लंबे समय से प्रताड़ना झेल रहे स्कूल के स्टाफ भी एकजुट हो गए और छात्राओं के साथ प्राचार्य को तत्काल हटाने एवं कार्रवाई करने की मांग करने लगे। शुक्रवार की दोपहर अभिभावक भी छात्राओं के समर्थन में स्कूल पहुंचने लगे। दिन भर चले हंगामें पर स्थिति देखकर पुलिस ने दिल्ली में स्थित संस्था के अधिकारियों से बात की । जिसमें कहा गया कि स्कूल के प्राचार्य को वहां से हटाया जा रहा है। इसके बाद छात्राएं शाम को घर लौट गईं। प्राचार्य पुष्पारानी ने अपने पर लगे सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि अनुशासन को लेकर वे कार्रवाई करती हैं और उनका आशय छात्राओं को परेशान करना नहीं है।

क्या है मामला

मिशन हाईस्कूल गिनाबहार में 2 से 5 नवंबर को विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया था। इस आयोजन में अलग-अलग धर्मों के लोगों के लिए चंदा बतौर शुल्क अनिवार्य रूप से रखे गए थे। ईसाई समुदाय की छात्राओं के लिए 200 रुपए रखे गए थे। वहीं अन्य धर्मां की छात्राओं के लिए 50 रुपए शुल्क नियत था। साथ ही जो पैसे नहीं दे सकती हैं, उन छात्राओं को उक्त राशि के समकक्ष चावल लाना है। कुछ छात्राएं प्रार्थना सभा में भी शामिल नहीं हुईं। गुरुवार की सुबह जब स्कूल प्रारंभ हुआ तो ऐसी छात्राओं को एसेंबली में खड़ा कर अनुशासन भंग करने पर चेतावनी दी गई और कारण पूछा गया। कक्षा 12वीं की छात्रा ने पूछा कि प्रार्थना के लिए इतनी बड़ी रकम क्यों। प्रार्थना मन से किया जाता है और इतनी राशि देकर विषम परिस्थिति में परिवार को कष्ट होता है। ऐसी प्रार्थना जिससे कष्ट हो, भगवान कैसे स्वीकार करेंगे। छात्रा अपनी बात कह रही थी कि प्राचार्य नन पुष्पारानी उठी और छात्रा पर ताबड़तोड़ थप्पड़ जड़ती गई। इससे छात्रा के कानों से खूब बहने लगा। प्राचार्य के व्यवहार को देखकर सभी छात्राएं उठ गई और कैंपस में जाकर स्कूल का बहिष्कार करते हुए खुलकर विरोध जताया। प्रबंधन चुप रहा। शुक्रवार को छात्राएं पिᆬर स्कूल पहुंची और प्रांगण में जाकर बैठते हुए बहिष्कार बरकरार रखा। शुक्रवार को इसकी जानकारी मिलने पर अभिभावक भी स्कूल पहुंच गए। वहीं प्रबंधन के अन्य कर्मचारी भी छात्राओं के समर्थन में सामने आ गए।

छात्राओं ने कहा होता है धार्मिक भेदभाव

शुक्रवार को छात्राओं के समर्थन में जब अभिभावक व ग्रामीण पहुंचे तो छात्राओं ने अपनी बात मीडिया के सामने रखी। जिसका समर्थन स्कूल के शिक्षक सहित सभी स्टाफ ने किया। छात्राओं ने कहा कि प्राचार्य उनके साथ अश्लील व्यवहार करती हैं। तबियत खराब होने सहित किसी भी कारण से यदि कोई छात्रा स्कूल नहीं आई तो प्राचार्य पुष्पा रानी के द्वारा अर्नगल आरोप लगाया जाता है। छात्राओं ने बताया कि प्राचार्य के द्वारा पुरूष स्टाफ से लेडिज टॉयलेट, बाथरूम सापᆬ कराया जाता है। बेवक्त कार्यक्रम आयोजित कर आए दिन पैसा वसूल करती हैं और धार्मिक भेदभाव के साथ उन्माद पᆬैलाती हैं।

अभिभावकों ने जताई नाराजगी

शुक्रवार को छात्राओं के द्वारा दूसरे दिन भी स्कूल का बहिष्कार किए जाने की खबर मिलते ही अभिभावक भी स्कूल पहुंचे। सामाजिक कार्यकर्ता असलम आजाद, संस्था के संस्थापक के बेटे अनिल धानसोन की प्राचार्य के साथ बहस हुई। अभिभावक व 20 सालों से शिक्षा समिति के अध्यक्ष रहे असलम आजाद ने कहा कि मेरी भतीजी सहित पड़ोस की छात्रा ने बताया कि कल प्राचार्य के द्वारा मारपीट किया गया। गैर धर्म को लेकर अभद्र टिप्पणी करती है। पढ़ाई छोड़कर गैर शैक्षणिक कार्यों में जोड़ा जाता है। यहां धर्म के नाम से समुदाय विशेष को लेकर प्रताड़ित किया जाना मान्यता के विरूद्घ है। असलम आजाद एंव संस्था संस्थापन के बेटे अनिल धानसोन ने कहा कि आए दिन बच्चे प्रताड़ना की शिकायत कर रहे हैं। उन्होंने प्राचार्य पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई किए जाने की मांग की। इस दौरान अभिभावकों व प्राचार्य के बीच भी बहस हुई।

स्टाफ के सदस्यों को किया जाता है अपमानित

संस्था के कर्मचारियों ने बताया कि यहां धर्म को लेकर भेदभाव किया जाता है। दूसरे धर्म के रीति रिवाज को लेकर मजाक उड़ाया जाता है। प्राचार्य सार्वजनिक स्थल पर स्टाफ के साथ मारपीट करती हैं एवं उनसे अपमानित किया जाता है और सार्वजनिक रूप से जातिगत, धार्मिक भावनाओं को आहत करते हुए दंडित किया जाता है। स्टाफ के सदस्यों ने बताया कि उन्हे जेएनयू छात्र कन्हैया का वीडियो दिखाकर उसी विचारधारा से जुड़ने दबाव बनाया जाता है। विद्यालय के एक कर्मचारी ने बताया कि पूर्व उन्होंने डीईओ से शिकायत की थी। लेकिन उनके द्वारा प्रकरण को दबा दिया गया।

मामले की होगी जांच- बीईओ

मिशन उच्चतर माध्यमिक स्कूल गिनाबहार में हंगामे की खबर पर बीईओ पीके भटनागर शुक्रवार की दोपहर स्कूल पहुंचे। उन्होंने बताया कि यहां जो शिकायत मिल रही है, वह गंभीर है। मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी डीईओ को शिकायत की गई थी। लेकिन मुझे पूर्व के जांच में आए तथ्यों की जानकारी नहीं है। वहीं इस संबंध में डीईओ से बात करने की कोशिश की गई। लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका और उन्होंने पᆬोन भी रिसिव नहीं किया।

पुलिस की समझाइश पर लौटी छात्राएं

छात्राओं के कक्षा बहिस्कार की जानकारी मिलने पर कुनकुरी एसडीओपी श्री अर्जुन व थाना प्रभारी जीएस दुबे भी मौके पर पहुंचे। श्री दुबे ने बताया कि वे दिल्ली संस्था के मुख्यालय से बात कर चुके हैं, जिनके द्वारा कहा गया कि उक्त प्राचार्य को वहां से बुलाया जा रहा है और शीघ्र ही दूसरे को प्राचार्य का प्रभार सौंपा जा रहा है। पुलिस द्वारा यह सूचना दिए जाने पर छात्राएं घर लौट गईं। वहीं छात्राओं ने कहा कि शनिवार को यदि प्राचार्य स्कूल में नहीं रहीं तो वे कक्षा में जाएंगी। यदि प्राचार्य को नहीं हटाया जाता है तो उनका विरोध और बहिष्कार जारी रहेगा।

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