नक्सलियों ने की मुंदेनार के ग्रामीणों की जमकर पिटाईUpdated: Fri, 11 Aug 2017 02:32 PM (IST)

दरभा इलाके में नक्सलियों के बास्तानार एरिया कमेटी एवं बारसूर एरिया कमेटी का प्रभाव है।

जगदलपुर। दरभा क्षेत्र में पुलिस के लगातार दबाव के चलते दरभा व कोलेंग इलाके में काफी हद तक नक्सलियों की ताकत कमजोर पड़ी थी। बीते कुछ दिनों से दरभा क्षेत्र के चांदामेटा, कोलेंग, छिंदगुर, मुंदेनार व तुलसीडोंगरी व कुमाकोलेंग इलाके में नक्सल मूव्हमेंट की सूचनाएं मिल रही हैं।

एक दिन पूर्व ही मुंदेनार निवासी आधे दर्जन ग्रामीणों की बेदम पिटाई की गई है पर दशहत के चलते पखनार चौकी में रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाया गया है। हांलाकि सुरक्षा बलों का क्षेत्र में लगातार सर्चिंग आपरेशन चल रहा है।

ज्ञात हो कि दरभा इलाके में नक्सलियों के बास्तानार एरिया कमेटी एवं बारसूर एरिया कमेटी का प्रभाव है। बीते दिनों में चांदामेटा व तुलसीडोंगरी समेत बास्तानार क्षेत्र में हुए मुठभेड़ के बाद नक्सलियों की ताकत काफी कम हो गई थी।

वहीं बारसूर एरिया कमेटी भी कमजोर पड़ गया था। मिल रही सूचनाओं के अनुसार नक्सली शनै:शनै अपना प्रभाव जमाने की कवायद में जुटे हैं। इस क्रम में पूर्व में नामा में टंगिया दलम लीडर सामनाथ कश्यप की हत्या की गई थी।

क्षेत्र में टंगिया दलम का गश्त बंद हो जाने के बाद नक्सलियों का दुस्साहस फिर बढ़ा है और वह गांव वालों को पुलिस मुखबिर के नाम पर डरा-धमका रहे हैं। नक्सलियों के दहशत के चलते सुकमा व दरभा का सरहदी गांव कुमाकोलेंग वीरान हो चुका है।

वहीं ओडिसा से सटे कोलेंग, मुंडागढ़ व चांदामेटा में भी नक्सल सक्रियता बढ़ रही है। सात अगस्त को सुकमा जिले की ओर से पहुंचे नक्सलियों ने डंडे से समर्पित नक्सलियों व ग्रामीणों की पिटाई की थी। इसके दूसरे दिन सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण एसपी दफ्तर पहुंचे थे और सुरक्षा की गुहार लगाई थी।

वहीं आठ अगस्त की रात मुंदेनार में भी आधे दर्जन ग्रामीणों की बेदम पिटाई करने की खबर मिल रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। बताया गया है कि दर्जन भर नक्सलियों ने गांव के आधे दर्जन युवकों को पुलिस का मुखबिर बताते हुए चेतावनी दी है कि वे पुलिस से दूरी बनाए रखें।

गौरतलब है कि पूर्व में काफी संख्या में ग्रामीणों ने पुलिस के समक्ष सरेंडर किया था। इनमें से कुछ को योग्यताअनुरूप नौकरी दी गई थी। कुछ युवकों को लाइवलीहुड कालेज में रोजगारन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करवाकर वापस गांव भेज दिया गया था। काफी संख्या में समर्पित नक्सली अपने गृहग्राम लौट चुके हैं अब इन्हें नक्सलियों से जान का खतरा मंडराने लगा है।

- मुंदेनार में ग्रामीणों से नक्सलियों द्वारा मारपीट करने की शिकायत थाने अथवा चौकी पखनार में नहीं मिली है। पड़ताल करवाएंगे। -विवेक, व्हीके टीआई, दरभा

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