कानून के दायरे में काम करेंगी भारतमाता वाहिनीUpdated: Fri, 11 Aug 2017 01:00 AM (IST)

इन कार्यों के लिए उन्हें सौहार्दपूर्ण वातावरण निर्मित कर प्रशासनिक अमले से समन्वय बनाकर कार्य करना होगा।

धमतरी। जिले में भारतमाता वाहिनी के गठन, प्रशिक्षण और क्रियान्वयन के संबंध में शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों की जानकारी और प्रशिक्षण देने गुरुवार को कलेक्टर सीआर प्रसन्ना की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि भारतमाता वाहिनी के गठन का उद्देश्य व्यसनमुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करना है।

नशे से पैदा होने वाली सामाजिक बुराइयों से व्यक्ति, परिवार तथा समाज को अवगत कराकर अपराधमुक्त समाज बनाना है। मद्यपान की ओर लोगों के रूझान को रोकना व कम करना है। साथ ही शराब के कारण लोगों में हो रहे नैतिक पतन को रोकते हुए सकारात्मक और सृजनात्मक कार्यों की ओर उन्हें अग्रसर करना है।

कलेक्टर ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों में भारतमाता वाहिनी का गठन किया जाएगा, जिसके सदस्य के तौर पर अधिकतम 15 महिलाएं जुड़ सकेंगी। इससे अधिक की संख्या होने पर उन्हें अप्रत्यक्ष तौर पर शामिल किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि वाहिनी की सचिव को साक्षर होना आवश्यक है ताकि विभिन्न कार्यों का बेहतर ढंग से क्रियान्वयन किया जा सके। जिला आबकारी अधिकारी मंजूश्री कसेर ने बताया कि वाहिनी का कार्य क्षेत्र संबंधित ग्राम पंचायत तक रहेगा।

वाहिनी की सदस्यों द्वारा सकारात्मक कार्य के रूप में नारा-लेखन, पोस्टर, पॉम्फलेट के अलावा विशेष आयोजनों के दौरान रैली और जुलूस निकालकर जागरूकता लाने के प्रयास किए जाएंगे। इन कार्यों के लिए उन्हें सौहार्दपूर्ण वातावरण निर्मित कर प्रशासनिक अमले से समन्वय बनाकर कार्य करना होगा।

इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्यामादेवी साहू, एसडीएम, जनपद पंचायतों के सीईओ तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

शराब पीने वालों को देंगे समझाइश

जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि नियमित शराब का सेवन करने वाले व्यक्तियों को चिन्हांकित कर समझाइश देना, शराब से होने वाली बीमारियों और बुराइयों से अवगत कराकर उन्हें समाज की मुख्य धारा में जोड़ने के भी प्रयास किए जाएंगे। कलेक्टर ने विशेष तौर पर हाई एवं हायर सेकण्डरी स्कूलों के खुलने के पहले और बंद होने के पहले स्कूली विद्यार्थियों पर निगाह रखने के निर्देश दिए।

हर माह होगी वाहिनी की बैठक

वाहिनी के सलाहकार सदस्य के तौर पर ग्राम पंचायत के सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, पटवारी, रोजगार सहायक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, क्रीड़ाश्री, कोटवार आदि को इसमें शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा ग्राम सरपंच व ग्राम प्रमुख, पटेल, सदस्य, जिपं सदस्य मार्गदर्शक के रूप में होंगे। वाहिनी की प्रतिमाह बैठक होगी।

कलेक्टर ने साफ तौर पर कहा कि वाहिनी की महिलाएं किसी भी परिस्थिति में हिंसात्मक, प्रतिषेधात्मक तथा नकारात्मक गतिविधियों को अंजाम नहीं देंगी, जिसमें सामूहिक रूप से अपमानित करने, बहिष्कृत करने जैसे कृत्य शामिल हों।

उनका काम सहयोगात्मक, सकारात्मक और सूचनात्मक होना चाहिए। उन्होंने ब्लॉक स्तर के प्रशिक्षण के उपरांत क्लस्टर तैयार कर ग्राम पंचायत स्तर पर वाहिनी की सदस्यों को प्रशिक्षण देने का कार्य सितम्बर माहांत तक करने के निर्देश जिला आबकारी अधिकारी को दिए।

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