शिक्षक मायूसी के साथ लौटे धरना स्थल से, नहीं पहुंचे स्कूलUpdated: Tue, 05 Dec 2017 06:14 PM (IST)

प्रांतीय आव्हान पर 14 दिनों से आंदोलन कर रहे जिले के शिक्षाकर्मियों ने मंगलवार को आंदोलन समाप्त कर दिया।

दंतेवाड़ा। प्रांतीय आव्हान पर 14 दिनों से आंदोलन कर रहे जिले के शिक्षाकर्मियों ने मंगलवार को आंदोलन समाप्त कर दिया। मांग पूरी नहीं होने और शून्य पर आंदोलन समाप्त करने का मलाल उनके चेहरे पर देखा गया। धरना स्थल से लौटने के बाद अनेक शिक्षाकर्मी मंगलवार को स्कूल नहीं पहुंचे।

सुबह धरना स्थल पर जुटे शिक्षाकर्मियों को नेताओं ने कहा कि प्रांतीय पदाधिकारियों और प्रशासन के बीच चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है। हालांकि अभी हमारी मांगे पूरी नहीं हुई और आंदोलन समाप्त कर रहे हैं। पर हमारी मांगे जारी रहेगी। उम्मीद है कि सरकार की ओर से शीघ्र शिक्षाकर्मियों के पक्ष में अच्छा निर्णय आएगा। नेताओं ने कहा कि बच्चों के भविष्य को भी ध्यान में रखते आंदोलन वापस ले रहे हैं।

संविलियन, सातवां वेतनमान सहित अन्य मांगों के समर्थन में एक पखवाड़े से आंदोलनरत शिक्षाकर्मियों का हड़ताल समाप्त हो गया है। अब वे पूर्व की तरह स्कूलों में बच्चों को अध्यापन कराएंगे जिला मुख्यालय स्थित दुर्गा मंच मैदान में एकत्र शिक्षाकर्मियों को संरक्षक संतोष मिश्रा सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि रायपुर के जेल में बंद प्रांतीय पदाधिकारी और अन्य शिक्षाकर्मियों को प्रशासन ने रिहा कर दिया है।

उन पर कोई प्रकरण नहीं बनाया जाएगा। प्रांतीय पदाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुई वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया है। नेताओं आंदोलन में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष समर्थन के लिए सभी का आभार भी माना। इसके बाद सभी धरना स्थल से लौट गए और जनपद तथा जिला पंचायत में ज्वाइनिंग देते अपने-अपने स्कूल पहुंचे और क्लास ली।

इधर हड़ताल समाप्ति के बाद पढ़ाई व्यवस्था से रूबरू होने 'नईदुनिया" ने कुछ स्कूलों का जायजा लिया। इस दौरान अनेक स्कूलों में शिक्षाकर्मी पहुंचे ही नहीं थे। कहीं पड़ोसी स्कूल के शिक्षक क्लास लेते नजर आए तो कहीं एक ही शिक्षाकर्मी तीन और पांच कक्षा के बच्चों को पढ़ाते मिले।

ग्राम गुमड़ा के मेंडापारा प्राथमिक शाला में एक महिला और एक पुरुष शिक्षाकमी है। लेकिन जब टीम पहुंची तो एक ही शिक्षाकर्मी चरणसिंह सेठिया मिले। स्कूल की दर्ज संख्या 31 में से 10 अनुपस्थित थे। शिक्षाकर्मी सामूहिक रूप से पांच कक्षाओं के बच्चों को अलग-अलग विषय पर पढ़ा रहे है।

साथी शिक्षाकर्मी नहीं अनुपस्थित पर कहा कि आई थीं, लेकिन कुछ जरूरी काम से चली गईं। इसी तरह जिला मुख्यालय के करीबी गांव टेकनार के माध्यमिक शाला में दोपहर दो बजे एक भी शिक्षक नहीं थे। बच्चे कक्षाओं में बैठे खुद ही रिवीजन करते नजर आए। पूछने पर बच्चों ने बताया कि एचएम एनसी शाहा सुबह आए थे। अभी बच्चों के आधार कार्ड लेने दंतेवाड़ा गए हैं।

अन्य तीन महिला शिक्षाकर्मियों के संबंध में पूछने पर कहा कि वे हड़ताल पर हैं। शाहा सर ही पढ़ा रहे हैं। इसी तरह ग्राम कारली और अन्य स्कूलों में भी देखने को मिला, जहां एक-दो शिक्षक ही व्यवस्था संभाले हुए थे। सूत्र बताते हैं कि गीदम ब्लॉक के नदी पार और जिले के दूरस्थ इलाकों में संचालित स्कूलों में तो आज कोई शिक्षाकर्मी स्कूल नहीं पहुंचा।

रिपोर्ट बनाते गुजरा पहला दिन

हड़ताल समाप्ति के बाद स्कूल पहुंचे शिक्षाकर्मियों ने बच्चों की क्लास तो ली लेकिन यह औपचारिकता रही। शिक्षाकर्मियों का कहना था कि एक पखवाड़े से वे स्कूल आए नहीं है। बच्चों की उपस्थिति और अन्य पंजियां अपूर्ण है। जिसे दुरूस्त किया जा रहा है। मध्यान्ह भोजन की उपस्थिति के आधार पर भी बच्चों की उपस्थिति दर्ज की गई। साथ ही मुख्यालय के लिए कुछ अन्य रिपोर्ट भी तैयार किया।

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