छेड़छाड़ करने वाला दूसरा आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहरUpdated: Sat, 12 Aug 2017 01:20 AM (IST)

पालनार पोटाकेबिन मामले का दूसरा आरोपी वारंट जारी के होने के तीन दिन बाद भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।

दंतेवाड़ा। पालनार पोटाकेबिन मामले का दूसरा आरोपी वारंट जारी के होने के तीन दिन बाद भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। कुआकोंडा की टीम देहरादून पहुंच गई है लेकिन शुक्रवार शाम तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। एक एसआई के नेतृत्व में टीम बुधवार को जिले से निकली थी।

कुआकोंडा थाना प्रभारी डीएस बरूआ के मुताबिक टीम शुक्रवार दोपहर बाद देहरादून पहुंची लेकिन नेटवर्क समस्या के चलते दोबारा संपर्क नहीं हो पाया है इसलिए गिरफ्तारी के संबंध में टीम से जानकारी नहीं मिल पाई है।

ज्ञात हो कि शिनाख्ती के बाद छात्राओं से छेड़छाड़ करने के एक आरोपी को सीआरपीएफ कैंप से गिरफ्तार कर लिया गया था। दूसरे आरोपी नीरज खंडेलवाल की गिरफ्तारी के लिए एसआई के नेतृत्व में टीम देहरादून गई है। शुक्रवार को जिले में बीएसएनएल और दीगर नेटवर्क समस्या बनी रही।

ऐसे में पुलिस अधिकारियों का टीम से संपर्क नहीं हो पा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार टीम देहरादून की पुलिस के साथ आरोपी को गिरफ्तार करेगी। इसके बाद कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे दंतेवाड़ा लाया जाएगा। इधर मामले को राज्य बाल आयोग और राष्ट्रीय बाल आयोग ने भी संज्ञान में लिया है।

दोनों ही आयोग से एसपी और कलेक्टर से जानकारी मांगी गई है। हालांकि इस संबंध में अधिकारी कुछ ही कहने से बच रहे हैं। शुक्रवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के विजय कुमार के प्रवास के चलते पुलिस अफसर व्यस्त रहे।

आदिवासी समाज पालनार में

इधर मामले की वास्तविकता जानने के लिए सर्व आदिवासी समाज का 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार दोपहर बाद पालनार के लिए रवाना हुआ है। इस समिति में समाज पदाधिकारियों के साथ आदिवासी जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।

मामला छात्राओं से जुड़ा होने से समिति में महिला सदस्यों की संख्या अधिक है। समाज प्रमुख सुरेश कर्मा के अनुसार समिति ने पालनार आश्रम जाकर अधीक्षिका और छात्राओं से चर्चा करने की सूचना कलेक्टर-एसपी को भी दे दी है।

बताया गया कि टीम आश्रम अधीक्षिका और छात्राओं से चर्चा की जानकारी समाज को भी देगा। पदाधिकारियों का कहना है कि वे इस बात का भी पता लगाएंगे कि छात्राओं के शिक्षण संस्था में आयोजन का मकसद क्या था तथा इसके लिए किसने अनुमति दी थी?

यह भी जानने की कोशिश की जाएगी कि हथियारबंद जवानों को पोटाकेबिन में किसकी अनुमति से प्रवेश दिया गया? समाचार लिखे जाने तक टीम पालनार से नहीं लौटी थी।

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