कागज पर निपटा नसबंदी पखवाड़ा, नहीं हुआ एक भी ऑपरेशनUpdated: Wed, 06 Dec 2017 09:52 PM (IST)

एक बार फिर अधिकारियों ने कागजों पर नसबंदी पखवाड़ा मना लिया।

बिलासपुर। एक बार फिर अधिकारियों ने कागजों पर नसबंदी पखवाड़ा मना लिया। प्रचार के अभाव में लोगों को जानकारी तक नहीं लग पाई। स्वास्थ्य कार्यकर्ता भी लोगों तक नहीं पहुंच पाए। इस वजह से जिले में पखवाड़े के दौरान एक भी नसबंदी नहीं हो पाई।

राज्य शासन के निर्देश पर जिला स्वास्थ्य समिति और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने 21 नवंबर से 4 दिसंबर तक नसबंदी पखवाड़ा मनाया। इस दौरान अंतर्गत पुस्र्ष नसबंदी की जिम्मेदारी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सौंपी गई।

कार्यकर्ताओं को जागरूक करते हुए नसबंदी के लिए पुस्र्षों को तैयार करना था। अधिकारियों ने मातहत कर्मचारियों को निर्देश देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली। पखवाड़े के दौरान नसबंदी हो रही है या नहीं, इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।

इस ढिलाई की वजह से स्वास्थ्य कार्यकर्ता भी लापरवाह हो गए। वे लोगों के पास पहुंचे ही नहीं। इसके अलावा पखवाड़ा का प्रचार भी नहीं किया गया। यही वजह है कि 15 दिनों में जिले में एक भी पुस्र्ष का नसबंदी ऑपरेशन नहीं हो सका।

जिला अस्पताल में डॉक्टर ही नहीं

जिला अस्पताल में शिविर सिर्फ कहने के लिए लगाया गया था। यहां पर नसबंदी ऑपरेशन के लिए डॉक्टर ही नहीं है। इसकी वजह से यहां बीते कई महीने से नसबंदी बंद है।

12 लोग हुए तैयार पर नहीं पहुंचे

मस्तूरी ब्लाक में 12 पुरुषों को नसबंदी कराने के लिए तैयार किया गया था। उन्हें ऑपरेशन के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बुलाया गया। निर्धारित तारीख पर कोई भी नहीं पहुंचा। स्वास्थ्य कार्यकर्ता संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन इसका कोई फायदा नहीं मिला।

इनका कहना है

नसबंदी पखवाड़ा में स्वास्थ्य कर्मी लोगों को शिविर तक लाने में सफल नहीं हो पाए। आने वाले दिनों में जागरूकता फैलाते हुए पुस्र्ष नसबंदी कराई जाएगी।

डॉ. बीबी बोर्डे सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग

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