टक्कर लगते ही बिना इंजन 120 मीटर खिसक गईं बोगियां, टला हादसाUpdated: Mon, 04 Dec 2017 08:45 PM (IST)

अंत्योदय एक्सप्रेस के 14 कोच की खाली रैक को सोमवार सुबह 10.40 बजे इलेक्ट्रॉनिक इंजन ने टक्‍कर मार दी।

बिलासपुर। जोनल स्टेशन में खड़ी बिलासपुर-फिरोजपुर अंत्योदय एक्सप्रेस के 14 कोच की खाली रैक को सोमवार सुबह 10.40 बजे इलेक्ट्रॉनिक इंजन ने टक्‍कर मार दी। इसके बाद रैक बिना इंजन पटरी पर दौड़ने लगी। इस नजारे को देखकर पाइंट्समैन से लेकर चुचुहियापारा फाटक में ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों में खलबली मच गई। सभी रैक को रोकने की जद्दोजहद करने लगे। कोई बड़ी गिट्टी तो कोई लकड़ी का टुकड़ा रखकर पहिए को थामना चाहा। जब रैक खड़ी होती तब तक 120 मीटर पीछे खिसक चुकी थी।

बिलासपुर से फिरोजपुर के बीच चलने वाली यह ट्रेन अभी शुरू नहीं हुई है। विभागीय अड़चन के कारण परिचालन ठंडे बस्ते में है। इसकी रैक डेढ़ महीने पहले ही बिलासपुर में आ चुकी है। लिहाजा इसकी रैक प्लेटफार्म 5 के आगे लाइन नंबर 9 पर रखी गई है। इस लाइन का उपयोग ऐसे ही कार्यों के लिया किया जाता है।

चूंकि इस लाइन की क्षमता से 17 से 18 कोच की है। जबकि रैक 14 कोच की है। इस जगह का उपयोग करने इलेक्ट्रॉनिक इंजन को इस लाइन पर रखा जा रहा था। इंजन पी पासवान नाम का चालक चला रहा था। उससे जरा चूक हुई से इंजन से रैक को ठोकर लग गई।

इसके बाद 14 कोच की यह रैक चुचुहियापारा की तरफ बिना इंजन दौड़ने लगी। इस बीच पाइंट्समैन व अन्य कर्मचारियों के रैक के पहिए को रोकने के लिए ईंट, गिट्टी, लकड़ी का टुकड़ा आदि का सहारा लेने के बाद रैक पाइंट पर जाकर खड़ी हो गई।

यदि कर्मचारी ऐसा नहीं करते और रैक की रफ्तार तेज हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता है। इधर घटना की खबर मिलने के बाद सीनियर डीएसओ, सीडीओ समेत इंजीनियरिंग, ऑपरेटिंग व मैकेनिकल विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे।

लकड़ी का टुकड़ा व जंजीर तोड़कर बढ़ी बोगियां

संरक्षा व सुरक्षा के मद्देनजर खाली बोगियों की रैक को जब इस तरह यार्ड या अन्य किसी लाइन पर खड़ी करते हैं तो यह नियम है कि पहिए को लकड़ी से बने लॉक और लोहे की जंजीर से बांधकर रखना है। अंत्योदय की रैक भी इस तरह रखी गई थी। लेकिन चालक की लापरवाही से इंजन ने बोगियों को इतनी जोर से ठोकर मारी कि लॉक व जंजीर को तोड़ती हुईं बोगियां चुचुहियापारा फाटक की तरफ बढ़ने लगीं।

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