व्यापार नहीं किया तो भी भरना होगा रिटर्नUpdated: Fri, 11 Aug 2017 12:28 PM (IST)

जीएसटी का पहला रिटर्न भरने की अंतिम तारीख राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है। इसके तहत 20 अगस्त तक पहला रिटर्न भरना होगा।

भिलाई । जीएसटी का पहला रिटर्न भरने की अंतिम तारीख राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है। इसके तहत 20 अगस्त तक पहला रिटर्न भरना होगा। इसके अलावा नई व्यवस्था के तहत उन व्यापारियों को भी जीएसटी रिटर्न फाइल करना है, जिन्होंने कोई व्यापार नहीं किया है, लेकिन उनका जीएसटी रजिस्ट्रेशन है। व्यापार नहीं होने की स्थिति में उसे निरंक रिटर्न भरना होगा।

रिटर्न नहीं भरने पर सभी रजिस्टर्ड व्यापारियों को पेनाल्टी सहित अन्य प्रावधान से दंडित किया जाएगा। आईसीएआई भिलाई ब्रांच के उपाध्यक्ष सीए पियूष जैन ने बताया कि जीएसटी को प्रभावी हुए एक महीना हो चुका है।

अब इस नए कर के अंतर्गत जुलाई महीने में किए गए व्यापार की जानकारी सरकार को देने तथा उस पर बकाया कर का भुगतान करने के लिए पहला समरी रिटर्न 20 अगस्त तक ऑनलाइन जमा कर देना है।

यह जानकारी जीएसटीआर थ्री बी फॉर्म द्वारा ऑनलाइन हर व्यापारी (कम्पोजीशन डीलर को छोड़कर) जमा करना है। इसके अलावा यह जानना भी आवश्यक है कि रिटर्न फाइल सभी को अनिवार्य रूप से भरना है। रिटर्न नहीं भरने पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

रहें सतर्क, अपडेट होने में लग सकता है समय

सीए पीयूष जैन ने बताया कि कर भुगतान (ऑनलाइन बैंकिंग के अलावा) को ऑनलाइन सिस्टम में अपडेट होने में तीन दिन से अधिक समय लग सकता है। इसलिए व्यापारी को आखरी तारीख का इंतजार न करते हुए समय से काफी पहले कर का भुगतान कर देना चाहिए।

वरना सिस्टम में जानकारी अपडेट नहीं होने के कारण रिटर्न जमा होने में देरी की आशंका बनी रहेगी। इस नई कर प्रणाली में बैंक काउंटर द्वारा केवल दस हजार रुपए तक का भुगतान ही नगद हो पाएगा। जिन व्यापारियों के पास ऑनलाइन बैंकिंग नहीं है, वह एनईएफटी/आरटीजीएस द्वारा भी कर का भुगतान कर सकते हैं।

पांच हजार से अधिक रजिस्टर्ड

जानकारों की मानें तो दुर्ग जिले में पांच हजार से अधिक व्यापारियों ने जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराया है। इन व्यापारियों को नई कर प्रणाली को लेकर जागरूक रहने की आवश्यकता है।

सुरक्षा और सहूलियत की दृष्टि से सभी व्यापारी और रजिस्टर्ड व्यक्तियों को बैंक से ऑनलाइन बैंकिंग सेवा तत्काल ले लेनी चाहिए और उससे भुगतान आदा करना सीखना चाहिए। ताकि ऑनलाइन बैंकिंग से घर बैठे कर भुगतान कर सके।

इस नई कर प्रणाली और व्यवस्था से आखिरी तारीख का इंतार करने वालों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। क्योंकि बैंकिंग और इंटरनेट व्यवस्था की तकनीकी खराबी या सर्वर डाउन आदि होने की गुंजाइश तथा चालान यदि समय पर अपडेट नहीं हुआ तो रिटर्न नहीं नही जा पाएगा।

तात्कालिक व्यवस्था है यह

सीए महावीर जैन ने बताया कि यह समरी रिटर्न सिर्फ दो महीने के लिए लाई गई तात्कालिक व्यवस्था है। इसके द्वारा सरकार सिर्फ भुगतान समय पर मिले इसको सुनिश्चित करना चाह रही है।

साथ ही जुलाई महीने के तीनों रेगुलर रिटर्न जीएसटीआर-1 (बिक्री की जानकारी), जीएसटीआर-2 (खरीद की जानकारी) और जीएसटीआर-3 (अंतिम रिटर्न) की आखरी तारीख क्रमश: 5, 10, 15 सितंबर ही है। इसी प्रकार अगस्त महीने का रिटर्न 20 अगस्त तक जमा करना है।

इसके बाद रेगुलर रिटर्न फाइलिंग की एक, दो, तीन की आखिरी तारीख क्रमश: 20, 25, 30 सितंबर है। सितंबर महीने के बाद से रेगुलर रिटर्न की आखरी तारीख, महीना खत्म होने के बाद अगले महीने की 10, 15, 20 होगी।

संबंधित खबरें

जरूर पढ़ें

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.