दुर्ग जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के सीईओ को रिश्वत लेते पकड़ाUpdated: Wed, 09 Aug 2017 03:53 PM (IST)

जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को एसीबी ने 27 हजार रुपए रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया है।

दुर्ग। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को एसीबी ने 27 हजार रुपए रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया है। सीईओ ने बिल भुगतान के एवज में शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति प्रिटिंग प्रेस के संचालक से 15 प्रतिशत कमीशन लिया था।

कोहका में शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति प्रिटिंग प्रेस संचालित है। इसके पास जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक में रजिस्टर, बिल वाउचर सहित अन्य कार्यों के प्रिटिंग का ठेका है। प्रिटिंग प्रेस के संचालक अजय सिंह ने बताया कि एक लाख 89 हजार 600 रुपए के बिल भुगतान के लिए उसने सीईओ विनोद गुप्ता से संपर्क किया। सीईओ ने भुगतान के एवज में 15 प्रतिशत कमीशन मांगा। अजय ने इसकी जानकारी 17 जुलाई को एसीबी को दी। तीन जुलाई को सीईओ और प्रार्थी अजय सिंह के बीच लेने देन को लेकर हुई बातचीत की रिकार्डिंग की गई। बातचीत में नौ अगस्त को पैसा देना तय हुआ।

तय तिथि पर अजय सिंह करीब दो बजे जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक दुर्ग स्थित सीईओ कार्यालय पहुंचा। अजय ने पैसे दिए तो सीईओ ने फाइल में रखने कहा। कुछ देर बाद सीईओ ने फाइल पर रखी रकम उठाकर पेंट की जेब में डाल ली। इसके बाद कार्यालय के बाहर मौजूद एबीसी के अफसरों ने उसे पकड़ लिया। सीईओ की जेब से ली गई रिश्वत की रकम निकलवाई गई और आगे की कार्रवाई की शुरू की गई। रिश्वत के रूप में दो हजार रुपए के 13 और पांच सौ रुपए के दो नोट दिए गए थे।

दो बिल भुगतान के लिए हुआ था सौदा

एसीबी की तीन सदस्यीय टीम ने यह कार्रवाई की। टीम के सदस्य निरीक्षक आरएन सिंग सेंगर ने बताया कि सीईओ वर्ष 2015 से बैंक में पदस्थ है। वह प्रार्थी से हर बिल के एवज में 15 प्रतिशत कमीशन मांगता था। आरोपी सीईओ से एक लाख 89 हजार 600 रुपए और 14 लाख 15 हजार रुपए का बिल भुगतान के लिए क्रमश: 27 हजार तथा दो लाख 10 हजार रुपए कमीशन देने का सौदा तय हुआ था। उन्होंने बताया कि मामले में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।


नहीं देना चाहता था रिश्वत

कोहका निवासी प्रार्थी अजय सिंह ने बताया कि पदस्थापना के बाद से ही सीईओ काम देने के बदले में रिश्वत की मांग करता था, लेकिन मैं रिश्वत नहीं देना चाहता था। ज्यादा तंग करने पर मामले की जानकारी एसीबी को दी। प्रार्थी ने बताया कि वह शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति प्रिटिंग प्रेस का पूर्व में अध्यक्ष रह चुका है। वर्तमान में संस्था उप पंजीयक कार्यालय से पंजीकृत है। संस्था के प्राधिकृत अधिकारी केके मार्टिन ने उन्हें संस्था संचालन के लिए अधिकार पत्र सौंपा है। इस हैसियत से वे संस्था का संचालन कर रहा है।

कोने में दुबक कर बैठा रहा सीईओ

मामले में कार्रवाई के लिए एसीबी के अधिकारी सीईओ विनोद गुप्ता को बैंक के निकट स्थित लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस ले गए, जहां कार्रवाई के दौरान आरोपी कमरे के भीतर एक कोने में कुर्सी पर दुबक कर बैठा रहा, ताकि मीडिया की नजरों से बच सके।

डेढ़ लाख रुपए है आरोपी का मासिक वेतन

रिश्वत के मामले में पकड़े गए सीईओ विनोद गुप्ता की नियुक्त तीन साल के लिए दुर्ग केन्द्रीय सहकारी बैंक में संविदा पर की गई थी। उसका मासिक वेतन करीब डेढ़ लाख रुपए के आसपास होना बताया जा रहा है। इससे पहले विनोद गुप्ता एक्सिस बैंक दिल्ली में सीईओ के पद पर रह चुका है।

पूर्व सीईओ के खिलाफ भी धोखाधड़ी का मामला

विनोद गुप्ता से पहले डीआर साहू जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक दुर्ग का सीईओ था। डीआर साहू के खिलाफ भी कोतवाली थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। पूर्व सीईओ ने भी बैंक की प्राथमिक समितियों के चुनाव में करीब एक करोड़ 66 लाख रुपए फर्जी बिल बनाकर राशि का आहरण किया था। मामले में उसकी गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है।

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