नए साल पर SBI ने दिया सस्ते कर्ज का गिफ्ट, घटाई ब्याज दरUpdated: Mon, 01 Jan 2018 09:31 PM (IST)

आरबीआई ने तो ब्याज में राहत का तोहफा नहीं दिया उसे एसबीआई ने अपने बूते पर ग्राहकों को दे दिया है।

नई दिल्ली। आरबीआई ने तो ब्याज में राहत का तोहफा नहीं दिया उसे एसबीआई ने अपने बूते पर ग्राहकों को दे दिया है। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) ने नये वर्ष का तोहफा देते हुए एक साथ बेस रेट और प्रमुख उधारी दर (बीपीएलआर) में 30-30 आधार अंकों यानी 0.30 फीसद की कटौती कर दी है।

एसबीआई ने बेस रेट 8.95 फीसद से घटाकर 8.65 फीसद कर दी है जबकि बीपीएलआर की दर 13.70 फीसद से घटाकर 13.40 फीसद की गई है। इससे बैंक के पुराने तकरीबन 80 लाख ग्राहकों को फायदा होगा क्योंकि उनकी होम लोन या अन्य कर्जों की मासिक किस्त कम हो जाएगी।

बैंक ने वैसे एमसीएलआर (मार्जिनल लागत आधारित कर्ज की दर) में कोई बदलाव नहीं किया है। बताते चलें कि एमसीएलआर की व्यवस्था अप्रैल, 2016 से लागू की गई है जिसके आधार पर बैंक अपने उत्पादों की ब्याज दरें तय करता है। इसके पहले यानी 01 अप्रैल, 2016 से पहले बेस रेट व्यवस्था थी। एक वर्ष के लिए एमसीएलआर की दर 7.95 फीसद है।

जाहिर है कि एमसीएलआर की दर अभी भी बेस रेट व्यवस्था की ब्याज दर से काफी कम है। इसके साथ है बैंक ने बगैर प्रोसेसिंग फीस लिए होम लोन देने की अपनी प्रोत्साहन स्कीम को आगे 31 मार्च, 2018 तक जारी रखने की भी घोषणा की है।

वैसे पिछले छह महीनों के आंकड़े बताते हैं कि होम लोन लेने वालों की संख्या में खासी बढ़ोतरी नहीं हुई है। देखना होगा कि एसबीआइ की नई कोशिश देश में होम लोन की मांग को बढ़ा पाती है या नहीं। जानकारों की मानें तो एसबीआई का यह कदम सुस्त पड़े रियल एस्टेट में तेजी ला सकता है।

एसबीआई के प्रबंध निदेशक (रिटेल व डिजिटल बैंकिंग) पी. के. गुप्ता ने कहा है, 'बेस रेट घटाकर हमने अपने ग्राहकों को नए वर्ष का तोहफा दिया है। अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे ग्राहक हैं जिनका होम लोन बेस रेट से जुड़े हैं। हम लगातार कोशिश कर रहे हैं कि ब्याज दरों में नरमी की जो कोशिश हाल के दिनों में हुई है, उसका पूरा फायदा ग्राहकों को मिले। इस कटौती से 80 लाख बैंक ग्र्राहकों को फायदा होगा।'

सनद रहे कि एसबीआई के इस कदम के बाद देश के दूसरे बैंकों पर भी ब्याज दरें घटाने का दबाव बनेगा। खासतौर पर निजी क्षेत्र के वे बैंक जो होम लोन को लेकर काफी आक्रामक नीति अपनाते हैं। नवंबर, 2018 में त्योहारी सीजन के दौरान ही एसबीआई ने अपने ऑटो लोन और होम लोन को सबसे सस्ता कर दिया था।

अब उसकी दर आइएसआइएसआइ बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे बैंकों की दरों से काफी नीचे आ गई है। बताते चलें कि पिछली दो बार मौद्रिक नीति की समीक्षा में आरबीआइ ने ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं की थी।

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