GST की दरों पर बनी सहमति, अनाज, तेल, साबुन होंगे सस्ते, कारें होंगी महंगीUpdated: Thu, 18 May 2017 06:18 PM (IST)

जीएसटी काउंसिल ने श्रीनगर में चल रही बैठक के पहले दिन जीएसटी रेट्स को लेकर सहमति जता दी है।

श्रीनगर। जीएसटी काउंसिल ने श्रीनगर में चल रही बैठक के पहले दिन जीएसटी रेट्स को लेकर सहमति जता दी है। इसके बाद अगर यह 1 जुलाई से लागू होता है तो अनाज, टूथपेस्ट, हेयर ऑयल, साबुन और कोयला जैसी वस्तुएं सस्ती हो सकती हैं। इसके उलट सोना, चांदी और महंगी कारें जैसी अमीरों के इस्तेमाल की वस्तुएं जीएसटी लागू होने पर महंगी हो सकती हैं।

रोजमर्रा की जरूरत की चीजें सस्ती होने से न सिर्फ आम लोगों को राहत मिलेगी बल्कि कोयले के सस्ते होने से बिजली उत्पादन की लागत भी कम होगी। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की गुरुवार को यहां दो दिवसीय बैठक के पहले दिन विभिन्न वस्तुओं को जीएसटी की प्रस्तावित चार दरों- 5 फीसद, 12 फीसद, 18 फीसद और 28 फीसद की दर में फिट किया गया।

कुल 1,211 वस्तुओं में से छह को छोड़कर शेष सभी पर काउंसिल ने मंजूरी दे दी है। हालांकि बीड़ी पर कितना जीएसटी लगेगा, इस बारे में अभी कोई फैसला नहीं किया गया है। काउंसिल दूसरे दिन की बैठक में सेवाओं पर जीएसटी की दरें तय करेगी।

जीएसटी की दरों को इस तरह तय किया गया है कि आगामी एक जुलाई से जब यह ऐतिहासिक कर सुधार लागू हो तो इससे महंगाई न बढ़े। यही वजह है कि 81 फीसद वस्तुओं पर जीएसटी की 18 फीसद या उससे कम दर से टैक्स लगाने का फैसला किया गया है।

इनमें ज्यादातर वस्तुएं आम लोगों के इस्तेमाल की हैं। चीनी, चाय, काफी (इंस्टेंट काफी के बिना) और खाद्य तेल को पांच फीसद की दर में रखा गया है जो कि जीएसटी की न्यूनतम दर है। इसी तरह गेहूं, चावल सहित अनाज व दूध-दही जैसी आवश्यक वस्तुओं को जीएसटी से छूट दी गई है।

ऐसे ही मध्य वर्ग के इस्तेमाल की चीजों जैसे टूथपेस्ट, हेयर ऑयल और साबुन पर 18 फीसद जीएसटी लगेगा। इन पर फिलहाल केंद्र और राज्यों का मिलाकर 22 से 24 फीसद टैक्स लगता है। वैसे, मिठाई पर पांच फीसद जीएसटी लगेगा।

इसी प्रकार उद्योगों के लिए जरूरी कोयला पर मात्र पांच फीसद जीएसटी लगाने का फैसला किया गया है। फिलहाल इस पर करीब 11.69 फीसद टैक्स लगता है। शीतल पेय पर 28 फीसद जीएसटी लगेगा जबकि छोटी कारों पर एक फीसद सेस, मिड साइज कारों पर तीन फीसद सेस तथा लक्जरी कारों पर 15 फीसद टैक्स लगेगा।

सोने पर राज्यों ने चार फीसद जीएसटी लगाने की मांग की है जो जीएसटी की प्रस्तावित चार दरों से अलग है। एसी, रेफ्रिजरेटर को 28 फीसद की श्रेणी में रखा गया है। जीवन रक्षक दवाओं पर पांच फीसद जीएसटी लगेगा। वित्त मंत्री का कहना है कि जीएसटी लागू होने पर महंगाई पर अंकुश लगेगा।

उन्होंने कहा कई वस्तुओं पर फिलहाल केंद्र और राज्यों का मिलाकर 33 फीसद कर लगता था जिसे घटाकर 28 फीसद पर लाया गया है। साथ ही इससे राज्य व केंद्र सरकार की परोक्ष करों से होने वाली आय में भी बढ़ोतरी होगी। काउंसिल की यह 14वीं बैठक है।

जीएसटी काउंसिल की बैठक पहली बार श्रीनगर में हुई है। काउंसिल की बैठक के दूसरे दिन विभिन्न सेवाओं पर जीएसटी की दरें तय करने के साथ ही सोना-चांदी जैसी महंगी वस्तुओं, फुटवियर और बीड़ी पर जीएसटी की प्रस्तावित दर पर चर्चा की जाएगी।

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