अमेरिका-इजरायल के बीच ऐतिहासिक सैन्य समझौताUpdated: Thu, 15 Sep 2016 05:25 PM (IST)

इसके तहत इजरायल को दस वर्षों के लिए 38 अरब डॉलर (2.54 लाख करोड़ रुपये) की सैन्य मदद दी जाएगी।

वाशिंगटन। राष्ट्रपति बराक ओबामा और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच तल्खी के बावजूद दोनों देशों के बीच नए सैन्य सहायता समझौते पर सहमति बन गई है। इसके तहत इजरायल को दस वर्षों के लिए 38 अरब डॉलर (2.54 लाख करोड़ रुपये) की सैन्य मदद दी जाएगी।

अब तक के इतिहास में अमेरिका द्वारा किसी देश को दी जाने वाली यह सबसे बड़ी सहायता राशि है। दोनों देशों ने बुधवार को समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

नया समझौता वर्ष 2019 से लागू होगा। इजरायल को फिलहाल वर्ष 2007 में हुए समझौते के तहत आर्थिक मदद (तीस अरब डॉलर) मिल रही है। इसकी मियाद वर्ष 2018 में खत्म होगी। अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि आर्थिक मदद से तेल अवीव लड़ाकू विमानों, सेना और मिसाइल रक्षा प्रणाली को उन्नत कर सकेगा।

दोनों देशों के अधिकारियों के मुताबिक समझौते में नेतन्याहू को कुछ आवश्यक छूट भी देने होंगे। इजरायली प्रधानमंत्री अब अमेरिका से अतिरिक्त पैकेज की मांग नहीं करेंगे। इजरायल सहायता राशि को अमेरिका निर्मित हथियारों पर ही खर्च कर सकेगा।

स्वदेशी रक्षा उद्योग में इसके इस्तेमाल को चरणबद्ध तरीके से खत्म करना होगा। नए आर्थिक सहयोग समझौते को अंजाम तक पहुंचाने के लिए दोनों देशों के बीच पिछले दस महीनों से बातचीत चल रही थी।

सामान्य नहीं थे संबंध

ईरान के साथ परमाणु समझौता और फलस्तीन के प्रति नरमी से इजरायल अमेरिका से नाराज चल रहा था। द्विपक्षीय संबंधों पर भी इसका असर दिखाई देने लगा था। इजरायल अपने परंपरागत प्रतिद्वंद्वी तेहरान के साथ किसी भी तरह के समझौते का विरोध करता रहा है।

बाद में नेतन्याहू ने आगामी अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ संबंध सुधारने के बजाय ओबामा सरकार के साथ ही द्विपक्षीय रिश्तों को दुरुस्त करने का निर्णय लिया। इजरायल को मिलने वाली आर्थिक मदद में देरी को लेकर विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी हमलावर रही है।

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