अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद के छह पाकिस्तानी पते सही निकलेः संयुक्त राष्ट्रUpdated: Tue, 23 Aug 2016 03:55 PM (IST)

संयुक्त राष्ट्र की समिति ने पाकिस्तान के भीतर दाऊद इब्राहिम के छह पतों को सही पाया है।

जिनेवा। अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी और 1993 के मुंबई विस्फोटों के गुनहगार दाऊद इब्राहिम को पनाह देने के मामले में पाकिस्तान की पोल खुल गई है। संयुक्त राष्ट्र की समिति ने पाकिस्तान के भीतर दाऊद इब्राहिम के छह पतों को सही पाया है।

भारत ने संयुक्त राष्ट्र को दाऊद के कुल नौ पते दिए थे। इस तरह संयुक्त राष्ट्र ने भारत का दावे की पुष्टि कर दी है। जाहिर है, पाकिस्तान को यह जवाब देना मुश्किल होगा कि आतंकवाद को अपनी जमीन पर पनाह न देने के वादे के बावजूद वह दाऊद को क्यों बचा रहा है।

दरअसल, भारत ने पिछले साल अगस्त में संयुक्त राष्ट्र को दाऊद इब्राहिम का डोजियर सौंपा था। इसमें पाकिस्तान के नौ पतों का उल्लेख था जहां दाऊद अक्सर देखा जाता है। आइएसआइएस और अलकायदा पर प्रतिबंध की निगरानी करने वाली संयुक्त राष्ट्र की समिति ने एक साल की जांच के बाद दाऊद इब्राहिम के छह पते को सही ठहराया है। जो तीन पते दाऊद से जुड़े नहीं पाए गए हैं, उन्हें संयुक्त राष्ट्र ने डोजियर से निकाल दिया है। इनमें से एक संयुक्त राष्ट्र में इस्लामाबाद की दूत मलीहा लोधी के आवास का है।

संयुक्त राष्ट्र की मुहर लगने के बाद भारत की लड़ाई को और बल मिल गया है। अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को बेनकाब करने की मुहिम और मजबूत हो गई है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि दुनिया के सामने पाकिस्तान का झूठ पकड़ा गया है।

सही पतों में ये प्रमुखः

- व्हाइट हाऊस, सऊदी मस्जिद के पास, क्लिफ्टन, कराची।

- हाउस नंबर एनयू 37--30वीं गली, डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी, कराची।

- कराची के नूराबाद इलाके के पर्वतीय इलाके में महलनुमा बंगला।

कमेटी ने हटाए ये तीन पतेः

1. मरगल्ला रोड, एफ-6/2 स्ट्रीट नंबर 22, हाउस नं. 07, इस्लामाबाद नंबर 29, कराची। (पड़ताल में यह पता मलीहा लोधी का पाया गया है।)

2. आठवां फ्लोर, मेहरान स्क्वेयर, परदेसी हाउस-3 के पास, तलवार एरिया, क्लिफ्टन, कराची, पाकिस्तान।

3. 6/ए जौअबाम तंजीम, फेज--5, डिफेंस हाउसिंग एरिया, कराची, पाकिस्तान।

1995 से ही रेडकॉर्नर नोटिसः

दाऊद 1993 में मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाकों का आरोपी है। भारत के अनुरोध पर 1995 से उसके खिलाफ इंटरपोल ने रेडकॉर्नर नोटिस जारी किया हुआ है। एनएसए, विदेश सचिव, गृह मंत्री या फिर प्रधानमंत्री के स्तर पर होने वाली सभी बातचीत में भारत की ओर से पाकिस्तान में छुपे वांछित अपराधियों का डोजियर सौंपा जाता रहा है, जिनमें दाऊद का नाम सबसे ऊपर होता है।

लेकिन इनके आधार पर कार्रवाई के बजाय पाकिस्तान उसके अपने यहां होने से ही इनकार करता रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने 2003 में ही दाऊद इब्राहिम को अंतरराष्ट्रीय आतंकी की सूची में डाल दिया था। समय-समय पर उससे जुड़ी जानकारी को संयुक्त राष्ट्र अपडेट करता रहा है। अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित होने के बाद से ही उसकी संपत्ति कुर्क है। उसकी यात्राओं पर प्रतिबंध है।

कई छद्म नाम हैं उसकेः

संयुक्त राष्ट्र की सूची में उसके कई छद्म नामों का उल्लेख है। इनमें शेख फारूकी, बड़ा सेठ, बड़ा भाई, इकबाद भाई, मुच्छड़ और हाजी साहब प्रमुख हैं। इसमें उसके पाकिस्तान से जारी विभिन्न पासपोर्ट का ब्यौरा भी है। एक पासपोर्ट रावलपिंडी में 12 अगस्त, 1991 को जारी किया गया।

इसके बाद जुलाई, 1996 में कराची और जुलाई, 2001 में फिर रावलपिंडी से पासपोर्ट जारी किया गया। इसके पहले दाऊद ने 18 अगस्त, 1985 को दुबई से भी एक पासपोर्ट बनवाया था। समिति ने विभिन्न छद्म नामों पर बने इन पासपोर्टों को भी दाऊद का ही पाया है। जाहिर है, पाकिस्तान सरकार के संरक्षण के बिना छद्म नामों से पासपोर्ट नहीं बनाया जा सकता है।

संबंधित खबरें

जरूर पढ़ें

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.