ट्रंप ने रूस विरोधियों को कहा मूर्खUpdated: Sun, 08 Jan 2017 06:18 PM (IST)

नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ऐसा नहीं मानते। वह रूस को लेकर अपना नरम रुख बदलने को तैयार नहीं हैं।

न्यूयॉर्क। अमेरिका के खुफिया अधिकारी पूरी तरह से मान रहे हैं कि रूस ने उनके देश के राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप किया था। राष्ट्रपति बराक ओबामा से उनसे सहमत हैं।

लेकिन नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ऐसा नहीं मानते। वह रूस को लेकर अपना नरम रुख बदलने को तैयार नहीं हैं।

उन्होंने ट्विट करके तल्ख अंदाज में कहा, केवल मूर्ख लोग ही रूस की भूमिका को लेकर उनसे अलग राय रखते हैं। रूस के साथ बेहतर संबंध अच्छी चीज हैं, बुरी चीज नहीं हैं।

हमारे पास पहले से ही बहुत सारी समस्याएं हैं। हम अनावश्यक एक और मुद्दा क्यों खड़ा कर रहे हैं? अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने परंपरा के अनुसार शुक्रवार को ट्रंप को चुनाव में रूस की भूमिका से संबंधित जानकारियां दी थीं।

दावा किया कि इस रूसी हस्तक्षेप से डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रत्याशी हिलेरी क्लिंटन के खिलाफ ट्रंप को जीतने में मदद मिली थी।

सार्वजनिक हुई एक खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूसी अधिकारियों को हिलेरी के खिलाफ और ट्रंप के समर्थन में काम करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। इसी के बाद हिलेरी समर्थकों के ईमेल को व्यापक पैमाने पर हैक किया गया और सूचनाएं सार्वजनिक की गईं।

ट्रंप इन दावों को झूठा बता रहे हैं। चुनाव के दौरान भी ट्रंप ने पुतिन की तारीफ की थी। कहा था कि दोनों देश बेहतर संबंध स्थापित करके ज्यादा लाभान्वित हो सकते हैं।

ट्रंप की सलाहकार पर साहित्य चोरी का आरोप

डोनाल्ड ट्रंप की राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित सलाहकार मोनिका क्राउली पर साहित्य की चोरी का आरोप लगा है। उनकी 2012 की बेस्टसेलर पुस्तक-ह्वाट द (ब्लीप) जस्ट हैपेंड, में कई स्थानों से जानकारियों को चुराकर इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है। इनमें कुछ ऐसी जानकारियां भी हैं जो कॉपीराइट एक्ट के अंतर्गत आती हैं। यह पुस्तक ओबामा प्रशासन की खामियों पर थी।

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