ट्रंप देख रहे पेरिस समझौते से बाहर जाने का रास्ताUpdated: Mon, 14 Nov 2016 07:59 PM (IST)

इस समझौते पर भारत समेत करीब 200 देश हस्ताक्षर कर चुके हैं और बीती चार नवंबर से यह प्रभाव में भी आ चुका है।

वाशिंगटन। पर्यावरण सुरक्षा के जिस पेरिस समझौते को कार्य रूप में लाने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पूरा जोर लगा दिया, अब उनके उत्तराधिकारी डोनाल्ड ट्रंप उससे पैर पीछे खींचने की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं।

इस समझौते पर भारत समेत करीब 200 देश हस्ताक्षर कर चुके हैं और बीती चार नवंबर से यह प्रभाव में भी आ चुका है। लेकिन दुनिया में दूसरे नंबर के कार्बन उत्सर्जक देश चीन ने साफ कर दिया है कि वह अन्य देशों के साथ मिलकर समझौते को आगे बढ़ाएगा, भले ही अमेरिका उससे बाहर चला जाए।

अमेरिका पिछले कई दशकों से दुनिया का सबसे ज्यादा कार्बन उत्सर्जक देश बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि हस्ताक्षर करने वाला कोई देश अगर समझौते से बाहर जाना चाहता है तो उसके लिए चार साल लंबी प्रक्रिया है।

ऐसे में अमेरिका समझौते को क्रियान्वित करने वाली संस्था संयुक्त राष्ट्र में जब आवेदन करेगा, उसके चार साल बाद वह समझौते से बाहर हो सकेगा।

अटपटी-चटपटी

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.