यूएन के निशाने पर आईं सू की कि सफाई, किसी सूरत में हिंसा बर्दाश्त नहींUpdated: Wed, 20 Sep 2017 03:16 PM (IST)

रेडिया फ्री एशिया से बातचीत में सू की ने इस आरोप को भी खारिज किया कि वह सेना के प्रति नर्म रवैया अपना रही हैं।

यांगून। रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ म्यांमार में फैली हिंसा के बाद चौतरफा घिंरी म्यांमार की नेता आंग सान सू की ने सफाई पेश की है। संयुक्त राष्ट्र के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि हिंसा फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। इस बीच चीन के विदेश मंत्री वांग ई ने कहा है कि म्यांमार के रखाइन प्रांत में हिंसा अस्वीकार्य है। सामाजिक स्थिरता कायम करने में म्यांमार सरकार के प्रयासों पर गौर किया जाना चाहिए।

रेडिया फ्री एशिया से बातचीत में सू की ने इस आरोप को भी खारिज किया कि वह सेना के प्रति नर्म रवैया अपना रही हैं। उन्होंने कहा, सेना के साथ उनके संबंध सामान्य हैं। वह देश में मेलजोल बढ़ाने के अपने उद्देश्य पर आगे बढ़ रही हैं। दशकों तक सैन्य शासन से लड़कर देश में लोकतंत्र स्थापित करने वालीं सू की ने कहा कि हमने कभी भी अपना स्टैंड नहीं बदला। कभी भी सेना की निंदा नहीं की। हां, उसके कार्यो को लेकर जरूर विरोध रहा।

जब वह सेना से असहमत होती हैं, तो उससे कहती हैं। वह संसद की संरचना में बदलाव के लिए अपनी कोशिश जारी रखेंगी।

हाल में रोहिंग्या मुसलमानों के पलायन के मुद्दे पर वह दुनिया के ज्यादातर देशों के निशाने पर हैं। 25 अगस्त से म्यांमार में जारी हिंसा के चलते करीब सवा चार लाख रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश भागकर पहुंच चुके हैं। म्यांमार में सैकड़ों के मारे जाने की सूचना है।

सू की म्यांमार की आजादी की लड़ाई के नेता की बेटी हैं। उनके पिता ने ही देश में सेना का गठन किया था। उनके बाद सू की ने दशकों तक लोकतंत्र के लिए लड़ाई लड़ी और सैन्य शासन में कई वर्ष नजरबंदी में काटे। उसी दौरान उन्हें शांति के लिए नोबेल पुरस्कार मिला।

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